नोएडा। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर हेडस्पेस हीलिंग नोएडा व क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया।
मंगलवार को दिवस की पूर्व संध्या पर संस्थान की संस्थापक डॉ. जया सुकुल ने बताया कि निराशा, लाचारी और मूल्यहीनता जैसी तीन स्थितियां मिलकर आत्महत्या की प्रवृत्ति को जन्म देती हैं। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि जिन लोगों के मन में आत्महत्या के विचार आते हैं, उनके कारणों को नकारा न जाए बल्कि समझने की कोशिश की जाए। उन्हें यह एहसास दिलाना जरूरी है कि उनके जीवन का भी महत्व और मूल्य है। साथ ही डॉ. सुकुल ने कहा कि जिन व्यक्तियों में सुसाइडल थॉट्स आते हैं, उन्हें प्रोफेशनल हेल्प दिलाना बेहद जरूरी है। उन्हें साइकोलॉजिस्ट या विशेषज्ञ के पास ले जाना चाहिए। बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों तक की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए, ताकि वे अपनी बात खुलकर साझा कर सकें। ओपीडी में हर महीने लगभग 30-35 मरीज ऐसे आते हैं, जिनके मन में आत्महत्या करने के विचार आते हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। ब्यूरो