परिजन बोले- प्लेटलेट्स कम होने से कई अंग काम नहीं कर रहे थे, विभाग को रिपोर्ट का इंतजार
पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी बेटे को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में कराया गया था भर्ती
-
426 मामले हुए डेंगू के जिले में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा।
प्राधिकरण के संस्थागत विभाग में असिस्टेंट जनरल मैनेजर (एजीएम) व पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी के बेटे आशीष भाटी की मंगलवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई। सेक्टर-61 निवासी परिजनों का कहना है कि उन्हें डेंगू था। चार दिन से अस्पताल में इलाज चल रहा था। अंतिम समय में उनके अंगों ने कार्य करना बंद कर दिया था। हालांकि, अभी स्वास्थ्य विभाग डेंगू की पुष्टि नहीं की है। विभाग का कहना है कि दिल्ली से रिपोर्ट आने के बाद ही डेंगू की पुष्टि हो पाएगी।
परिजनों ने बताया कि डेंगू के शुरुआती लक्षणों के बाद उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो सका। प्लेटलेट्स लगातार गिर रहीं थीं। अंत में शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। इससे उन्होंने दम तोड़ दिया। इधर, आशीष के निधन से प्राधिकरण के अधिकारियों-कर्मचारियों और क्षेत्रीय लोगों में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार कासना स्थित में किया गया। शोक संतप्त परिवार को दिलासा देने के लिए सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह, विधायक तेजपाल नागर, विधायक धीरेंद्र सिंह व महानगर अध्यक्ष महेश चौहान समेत प्राधिकरण के कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
-
अभी तक जो रिकॉर्ड उपलब्ध है उसके आधार पर यह तय नहीं हुआ है कि मृत्यु का निश्चित कारण क्या है। मृत्यु दिल्ली में हुई है। ऐसे में दिल्ली से क्रॉस नोटिफाई होने पर ही अन्य सूचना जारी की जाएगी। - श्रुति कीर्ति वर्मा, मलेरिया अधिकारी
-
इंग्लैंड से की थी पढ़ाई
सिंधिया स्कूल ग्वालियर और एमिटी में पढ़ाई के बाद आशीष ने इंग्लैंड से एमबीए किया था। उन्होंने करीब 18 वर्ष पहले नोएडा प्राधिकरण में ज्वाइन किया था। वर्तमान समय में वह प्राधिकरण में एजीएम के पद पर थे और संस्थागत विभाग का कामकाज देख रहे थे। उनको काफी कार्यकुशल अधिकारी माना जाता था।
-
आठ स्थानों पर बनाया हॉटस्पॉट
जिले में डेंगू के 426 मामले हो गए हैं। शहर में डेंगू के आठ हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर पांच-पांच से अधिक डेंगू मरीज मिले हैं। एक-दो स्थान पर मरीजों की संख्या 10 तक पहुंच गई है। इन स्थानों में लार्वा खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्राधिकरण के साथ मिलकर काम कर रहा है। सेक्टर-22, होशियारपुर, हरौला, बरौला, भंगेल, सलारपुर, सदरपुर और मामूरा हॉटस्पॉट की लिस्ट में शामिल है। अलग-अलग स्थानों पर मरीजों की संख्या की रिपोर्ट के आधार पर ये हॉटस्पॉट निर्धारित किए गए हैं। विभाग की ओर से निरीक्षण अभियान भी चलाया जा रहा है। इस दौरान कई जगह पर लार्वा मिला है। यहां तक की घरों में गमले व फ्रिज की ट्रे तक में लार्वा मिल रहा है। ऐसे में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
डेंगू से बचाव व सावधानियां
-पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
- सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- पानी को कूलर, गमले, टायर, बाल्टी, खाली डब्बे आदि में जमा न होने दें।
- पानी की टंकियों को अच्छी तरह ढक कर रखें।
- नालियों की नियमित सफाई करें।
- खुले में नारियल की छिलके, बोतलें, डिब्बे आदि न फेंकें। इनमें पानी जमा हो सकता है।
- स्थानीय प्रशासन की ओर से किए जा रहे फॉगिंग अभियानों में सहयोग करें।
-
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, स्किन पर रैश, कमजोरी, उल्टी या मतली,
क्या करें
खुद से दवा न लें डॉक्टर से संपर्क करें,, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं व शरीर में डिहाइड्रेशन न होने दें।