-अमर उजाला संवाद के दौरान सेक्टर निवासियों ने बताईं समस्याएं और जरूरतें
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर 105 एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ सेक्टर है। यहां 1044 प्लॉट हैं। सेक्टर के अंदर भी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी की तरह सुविधाओं से युक्त एक क्लब की सुविधा होना बहुत जरूरी है। ऐसी कोई जगह नहीं हैं, जहां लोग एक साथ बैठक सकें या इंडोर गेम्स खेल सकें। सेक्टर के अंदर पांच एकड़ जमीन खाली पड़ी है। वहां पर क्लब हाउस बनाया जा सकता है। प्राधिकरण से लगातार क्लब बनाने की मांग की जा रही है। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि, इस तरह के क्लब सेक्टर 15ए, 26, 27 और 50 में बने हुए हैं।
यह बातें मंगलवार को सेक्टर 105 के निवासियों ने अमर उजाला संवाद में कहीं। निवासियों ने कहा कि सेक्टर के अंदर एक मार्केट विकसित की जानी है। इसके लिए सेक्टर के डी ब्लॉक में 26 दुकानें बनाईं गईं हैं, लेकिन अबतक सिर्फ एक ही दुकान बिकी है क्योंकि दुकान की कीमत एक करोड़ से अधिक है। प्राधिकरण को किराये में रियायत देकर बाकी दुकानें भी किराये पर उठानी चाहिए। इससे सेक्टर के अंदर एटीएम, मेडिकल स्टोर, खाद्य सामग्री की सुविधा मिल सकेगी और सेक्टर 110, 100, 108 के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
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सिक्योरिटी और बिजली की जरूरत
निवासियों ने बताया कि सेक्टर के अंदर पानी का टैंक बना हुआ है। यहां पर बिजली के पोल लगे हैं, लेकिन कई साल से यहां पर एक भी लाइट नहीं जलती है। वहां के गेट भी खुले पड़े रहते हैं। ऐसे में अंधेरे की वजह से कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। यहां पर बिजली और सिक्योरिटी की व्यवस्था करवाने की जरूरत है।
निवासियों से बातचीत
सेक्टर के अंदर क्लब की सुविधा मिलने से सेक्टर के बच्चों और बुजुर्गों को विशेष फायदा मिलेगा।
दिव्य कृष्णात्रेय, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष
सेक्टर के अंदर 26 दुकानों को नोएडा प्राधिकरण किराये पर उठा दे ताकि हम लोगों को दूर न जाना पड़े।
अनीता शर्मा
ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में क्लब की सुविधा उपलब्ध होती है तो सेक्टरों में क्लब की सुविधा क्यों नहीं मिलती।
पूजा
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सेक्टर के अंदर पार्क बने हैं लेकिन बरसात के दौरान वहां पानी भर जाता है। बच्चे खेलेंगे तो हरियाली पर भी प्रभाव पड़ेगा।
बीएस शर्मा
सेक्टर के अंदर जहां पर पानी के टैंक बने हैं वहां पर बिजली और सिक्योरिटी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।
उमेश माथुर
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एक साथ बैठकर बातचीत करने या इंडोर गेम के लिए क्लब की सुविधा होना बहुत जरूरी है।
रश्मि सिंह