नोएडा। सेक्टर-22 में स्ट्रीट लाइट और बरात घर की केबल जोड़ते समय प्राधिकरण में संविदा पर तैनात कर्मचारी चंद्रदेव करंट की चपेट में आ गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगलवार सुबह 11:30 बजे हुए हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने प्राधिकरण पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। मुआवजे की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। मौके पर पहुंची पुलिस और नोएडा एंप्लाइज एसोसिएशन की ओर से प्रदर्शनकारियों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया गया।
जानकारी के मुताबिक चंद्रदेव नोएडा प्राधिकरण में संविदा पर तैनात इलेक्ट्रिीशियन कम लाइनमैन था। मंगलवार सुबह सेक्टर-22 स्थित में स्ट्रीट लाइट और बरात घर की केबल जोड़ते वक्त वह करंट की चपेट में आ गया। घटनास्थल पर मौजूद अन्य कर्मचारी उसे लेकर मेट्रो अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच चंद्रदेव के परिजनों घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर स्थानीय लोग भी इकट्ठा हो गए। लोगों ने प्राधिकरण पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं परिजनों की ओर से मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग की जाने लगी। नाराज लोग शव लेकर प्राधिकरण कार्यालय घेरने की तैयारी में जुट गए। हंगामे के सूचना मिलते ही पुलिस और नोएडा एंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार चौधरी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।
राजकुमार चौधरी ने बताया कि मामले में नोएडा एंप्लाइज एसोसिएशन की ओर से प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण कुमार से मिश्र से मिलकर पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। अधिकारी ने संविदा कर्मी की मौत पर दुख व्यक्त किया और मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।