पुन्हाना। राज्य सरकार द्वारा पंचायत संस्थाओं को पीआरआई योजना की राशि को रिलीज करने पर पाबंदी लगा दी गई है। पंचायत एवं विकास विभाग हरियाणा के डारेक्टर जनरल ने प्रदेश के सभी डीसी, डीडीपीओ, सीईओ जिला परिषद व बीडीपीओ आदि को दिनांक 15 फरवरी को भेजे गए पत्र में साफ आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद बुधवार को नूंह जिला परिषद की होने वाली बैठक को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। नूंह जिला परिषद के 25 सदस्यों में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की राशि का वितरण होना था।
जिला परिषद के सीईओ महाबीर प्रशाद ने बताया कि परिषद की सामान्य बैठक तय की गई थी। जिसमें पीआरआई योजना व जिला परिषद फंड में पड़ी राशि को आज पार्षदों में वितरित करना था। 15 फरवरी को सरकार के आए आदेशानुसार बैठक को रद्द कर दिया गया है। आगे भी सरकार और विभाग के आदेश आएंगे उसी के तहत राशि खर्च की जाएगी।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार 23 फरवरी तक सभी जिला परिषद, पंचायत समिति और पंचायतों से चार्ज ले लिए जाएंगे। सरकार के आदेशानुसार जिला परिषद का प्रशासक सीईओ जिला परिषद, पंचायत समिति का प्रशासक एसडीएम और ग्राम पंचायतों का प्रशासक खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को 24 फरवरी से नियुक्त कर दिया जाएगा।
उनका कहना है कि पंचायत फंड में जो राशि पड़ी है उसे सरपंच चार्ज देने से पहले खर्च कर सकता है जबकि पंचायत समिति में आई राशि के वितरण के लिए कोई मीटिंग आयोजित नहीं होगी।
अभी 12 फरवरी को ही सरकार ने पीआरआई योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये की राशि जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों को डाली थी। सरकार ने ग्राम पंचायतों की राशि तो सीधा उनके खाते में डाल दी थी लेकिन जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों को बैठक में प्रस्ताव पास कर बांटनी थी।