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Noida News: ऑडिटर ने मांगी रिश्वत, सीबीआई ने दर्ज की रिपोर्ट

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गाजियाबाद। मेरठ स्थित गवर्नमेंट ई मार्केटिंग प्लेस (जेम) सेल रक्षा मंत्रालय के वित्तीय और लेखा कार्यों की देखरेख (सीडीए) कार्यालय में दो फर्मों के बिल पास करने पर दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में ऑडिटर अखिलेश यादव के खिलाफ सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की है। सेना को आपूर्ति करने वाले करीब चार लाख रुपये के बिलों का भुगतान अटका हुआ है। फर्म मालिक ने ऑडिटर अखिलेश यादव पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
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मेरठ के बीएम कॉलोनी स्थित एएंडटी. इंफोटेक (प्रोप्राइटर उषा पत्नी लक्षिंदर पाल सिंह) और अभिनव इंजीनियर्स (पार्टनर लक्षिंदर पाल सिंह) नामक फर्म सेना को सामान आपूर्ति करती हैं। दोनों फर्म जेम पोर्टल के माध्यम से आर्मी को विभिन्न उपकरण और सामग्रियों की आपूर्ति करती हैं। फर्म संचालक ने बताया कि उन्होंने सेना को सामान आपूर्ति करने के बाद बिल प्रस्तुत किए थे, लेकिन जेम सेल मेरठ कार्यालय में उनके चार लाख रुपये के बिलों का भुगतान अटका है।



-रिश्वत मांगने का आरोप-

फर्म संचालक लक्षिंदर सिंह का आरोप है कि भुगतान कराने के लिए जेम सेल में तैनात ऑडिटर अखिलेश यादव ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है। ऑडिटर ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक रिश्वत नहीं दी जाती, तब तक बिल पास नहीं किया जाएगा। पीड़ित ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की है। इसमें कहा है कि वह ऑडिटर को रिश्वत नहीं देना चाहते हैं।
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-जांच की मांग-

फर्म संचालक ने मांग की है कि जेम सेल में रिश्वतखोरी के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। भुगतान नहीं होने पर भ्रष्टाचार निवारण विभाग में शिकायत दर्ज कराई जाए। सीबीआई ने 26 मार्च को रिपोर्ट दर्ज करने के बाद छापा मारा था।
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