द्रोण तालाब में आज खेले जाएंगे कबड्डी के सेमी फाइनल और फाइनल मुकाबले
संवाद न्यूज एजेंसी
दनकौर। कस्बे में महाभारत काल की ऐतहासिक धरोहर श्री द्रोणाचार्य मंदिर प्रांगण, द्रोण तालाब व द्रोण नाट्य मंच पर 102वें द्रोण मेले का बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने आनंद लिया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुरू हुए इस मेले में पारसी थिएटर में कलाकारों ने भयंकर भूल नाटक का मंचन किया जिसका लोगों ने खूब आनंद उठाया। वहीं, द्रोण तालाब में कबड्डी के लीग मुकाबलों में महिलाओं ने अपना दमखम दिखाया। शुक्रवार को सेमी फाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। कबड्डी और नाटक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं।
मेले में बच्चों के लिए विभिन्न तरह के झूले और खिलौने के साथ महिलाओं के लिए मीना बाजार भी महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। मेले के आयोजक जयप्रकाश व बलराज ने बताया कि महिला कबड्डी प्रतियोगिता में दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और राजस्थान आदि प्रदेशों की करीब 20 टीमें शामिल हुई। टीमों में राज्य व जिले स्तर के खिलाड़ियों ने भी शिरकत की है। सबसे रोमांचक मैच गाजियाबाद व दिल्ली की टीम मैच हुआ, दिल्ली की टीम जीत गई। लीग मुकाबलों के बाद सेमीफाइनल में चार टीमें पहुंची हैं। नाट्य मंच के संचालक और कलाकार शैलू बाबा ने बताया कि दनकौर में एक मात्र पारसी थियेटर ऐसा है, जहां आज भी नाटक मंचन होता है। बताया जाता है कि राजा पृथ्वीराज ने देश में लोगों के मनोरंजन के लिए 250 पारसी थियेटर बनवाए थे। बदलते दौर के साथ सभी थियेटर बंद हो गए। अब एकमात्र दनकौर में पारसी थियेटर है, यहां नाटक देखने हजारों की संख्या में लोग आते हैं।
आयोजकों ने बताया कि मेले में बच्चों को झूलने के लिए नांव, चरख आदि कई तरह के झूले हैं। महिलाओं के लिए लगे मीना बाजार में नया नया जरूरत का सामान मिलता है। बाजार में महिलाएं जमकर खरीददारी करने आती हैं। साथ ही दर्शक कुल्फी, मालपुआ और खाने का लुत्फ उठाते हैं। मेले का एक दिन का अवकाश भी किया जाता है। मेला देखने आने वाले दर्शक आसपास के चर्चित हलवाई के व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। शुक्रवार को द्रोण तालाब में कबड्डी का फाइनल मुकाबला होगा और नाट्य मंच पर वीर हकीकत राय नाटक का मंचन किया जाएगा।
-