मुरादाबाद। कटघर क्षेत्र में स्थित हनुमान मूर्ति तिराहे के पास नगर निगम के तालाब पर दोबारा कब्जे की कोशिशों ने स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। करीब साढ़े सात बीघे में फैला यह तालाब वर्षों से अतिक्रमणकर्ताओं के निशाने पर है। 2007 में भी तालाब पाटने और भूमाफिया की सक्रियता का मामला सामने आया था। उस समय भी शिकायतों के बाद रिपोर्ट और कार्रवाई की मांग उठी थी जिसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तालाब को योजनाबद्ध तरीके से खत्म करने की कोशिशें जारी हैं लेकिन नगर निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। स्थानीय निवासी वीर सिंह और आरके चौहान के अनुसार पिछले कुछ महीनों से तालाब में मिट्टी डालकर भराव किया जा रहा है और अवैध रूप से पक्का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि यह सब कुछ संगठित तरीके से हो रहा है। मुख्य सड़क की ओर ऊंची बाउंड्री बना दी गई है ताकि तालाब का अंदरूनी हिस्सा बाहर से न दिख सके और अतिक्रमण का काम आसानी से चलता रहे। निवासियों का दावा है कि तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण व भराव इतने व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है कि दूर से देखने पर किसी को धोखा हो सकता है कि यह भूमि पहले ही विकसित क्षेत्र का हिस्सा है।
सोनू सैनी और पुष्पेंद्र सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि अतिक्रमण को रोकने के लिए आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई गई लेकिन निगम के अधिकारियों ने झूठी रिपोर्ट लगा दी। लोगों का कहना है कि निगम की उदासीनता से न तो भराव रुका और न ही निर्माण कार्य। निवासियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी परिस्थिति में जलभराव क्षेत्र या तालाब को भरा नहीं जा सकता। लेकिन यहां खुलेआम आदेशों का उल्लंघन हो रहा है।
सुरेंद्र सिंह ने इस मामले में नगर आयुक्त से शिकायत की और 2007 की घटना का हवाला देते हुए अतिक्रमण को रोकने की मांग की लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों की मांग है कि निगम के अधिकारियों को सर्वे कराकर तालाब की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही अवैध निर्माण को रोकने, भराव हटाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की कार्रवाई होनी चाहिए। इस संदर्भ में अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वह जांच कराएंगे और उसी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे।