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भट्टा-पारसौल कांड:::::: भट्टा पारसौल के 27 किसानों के घरों पर कुर्की के नोटिस चस्पा

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भट्टा पारसौल के 27 किसानों के घरों पर कुर्की के नोटिस चस्पा
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-7 मई 2011 के भूमि अधिग्रहण आंदोलन में शामिल थे सभी किसान

दनकौर (संवाद)। भट्टा पारसौल में करीब 13 साल पहले भूमि अधिग्रहण को लेकर हुए हिंसक किसान आंदोलन में शामिल 27 किसानों के घरों पर सीबीसीआईडी मेरठ ने बुधवार को कुर्की के नोटिस चस्पा किए हैं। अधिकारी का कहना है कि किसानों पर हत्या, लूट व बलवा आदि धाराओं में मुकदमे चल रहे हैं, लेकिन किसान अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं। वहीं नोटिस चस्पा होने के बाद से किसानों में गिरफ्तारी का डर है। इससे पहले भी कई बार सीबीसीआईडी के अधिकारियों ने किसानों के घरों पर नोटिस चस्पा किए हैं।

7 मई 2011 को भट्टा परसौल आदि गांव के किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में भूमि अधिग्रहण को लेकर यमुना प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन किया था। इस आंदोलन में किसान और पुलिस की हिंसक झड़प हुई थी। जिसमें दो किसान और दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। बाद में पुलिस ने सैकड़ो किसानों के खिलाफ हत्या, लूट व बलवा आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। इस मामले की जांच बाद में सीबीसीआईडी को सौंप दी गई थी। तभी से सभी किसान जमानत पर रहा चल रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पैदल मार्च कर इस मामले को तूल दिया था।
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सीबीसीआईडी इंस्पेक्टर हरेराम यादव ने बताया कि 27 किसानों के घरों पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए गए हैं। किसान जयेंद्र, उम्मेद, अनिल, विक्टर व चंद्रभान निवासी भट्टा और राजीव उर्फ राजू, राकेश, चंद्रपाल, रतन सिंह, चंद्रभान, कालू, जयकुमार, ओमवीर, अजीत पाल, बिजेंदर उर्फ अजय, वेदपाल, गज्जू उर्फ गजे सिंह, विजयवीर, संजीव, संजय, सतीश निवासी परसौल और सुशील निवासी सक्का व घुररी निवासी आछेपुर आदि किसान अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं, जिसके चलते नोटिस चस्पा किए गए हैं। यदि एक माह के अंदर किसान अदालत में पेश नहीं हुए तो इनके घरों की कुर्की की जाएगी।
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