जिम्स की ओपीडी में रोज पहुंच रहे 300 से अधिक मरीजों में से 20 से 30 प्रतिशत वायरल की चपेट में
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। मौसम के करवट लेते ही लोग वायरल की चपेट में आने लगे हैं। मरीजों के लिवर में सूजन के साथ ही स्वाद भी बिगड़ रहा है। गले में खराश, छींक आना, नाक बंद होना, हल्का बुखार की शिकायत लेकर लोग जिम्स में पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यहां रोज आने वाले मरीजों में से 20 से 30 प्रतिशत वायरल के हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि लिवर की सूजन और स्वाद की गड़बड़ी संक्रमण की शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। उनका कहना है कि वायरल बीमारी से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना, हाथों की नियमित सफाई और अच्छी तरह से पकाया हुआ भोजन लेना बहुत जरूरी है। जिम्स के मेडिसिन विभाग की ओपीडी प्रतिदिन करीब 300 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें से 20 से 30 प्रतिशत मरीजों वायरल की चपेट में हैं।
विभाग के सहआचार्य डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि वायरल संक्रमण के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। तेज बुखार, गले में संक्रमण और दवाओं के असर से स्वाद और गंध की क्षमता अस्थायी रूप से कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मरीजों में यह समस्या दो-तीन दिन में ठीक हो जाती है लेकिन कुछ मरीजों ऐसे भी हैं, जो स्वस्थ होने के बाद फिर बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे मरीजों में कमजोरी अधिक देखने को मिल रही है।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर उपचार न किया गया तो यह संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है। उन्होंने लोगों को चेताया कि वायरल के शुरुआती लक्षण नजर आते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।
वायरल से बचाव और सावधानियां
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।
- हाथों की नियमित सफाई और सैनिटाइजेशन करें।
- भोजन अच्छी तरह से पका हुआ खाएं और सफाई का ध्यान रखें।
- भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।