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Noida News: अधिवक्ता बनते ही पत्नी ने जनसुविधा केंद्र कर्मी से मांगा तलाक

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अधिवक्ता बनते ही पत्नी ने जनसुविधा केंद्र कर्मी से मांगा तलाक
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-पत्नी को पढ़ा लिखा कर बनाया वकील, पत्नी ने मारपीट और दहेज के लिए प्रताड़ित करने का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
दनकौर। उत्तर प्रदेश की उपजिलाधिकारी ज्योति मौर्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि दनकौर कस्बे में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। अधिवक्ता बनने के बाद पत्नी ने जनसुविधा केंद्र कर्मी से तलाक मांग लिया। पीड़ित पति का कहना है कि उसने अपनी पत्नी को पढ़ा-लिखाकर इस मुकाम तक पहुंचाने में पूरी जमा पूंजी लगा दी। अधिवक्ता बनते ही उसने घर छोड़ दिया। वह जिला न्यायालय में प्रैक्टिस कर रही है। वहीं, महिला ने मारपीट व दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कस्बा निवासी जन सुविधा केंद्र कर्मी की शादी करीब 15 वर्ष पहले कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती से हुई थी। शादी के समय युवती बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। शादी होने के बाद पत्नी ने उससे आगे पढ़ाई कर अधिवक्ता बनने की इच्छा जाहिर की। जनसुविधा केंद्र पर वेतन कम होने के कारण पत्नी की पढ़ाई पूरी कराने के लिए उसने एक निजी कंपनी में भी नौकरी की। इसी बीच पत्नी ने दो बेटियों को भी जन्म दिया। पति ने दिन रात मेहनत कर बेटियों का पालन पोषण किया। उसकी पत्नी ने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी कर अधिवक्ता की डिग्री हासिल की। प्रैक्टिस करने के कुछ दिन बाद ही पत्नी की कमाई भी शुरू हो गई। कामयाब होते ही पत्नी के तेवर बदलने लगे और घर में छोटी मोटी बातों पर विवाद होने लगा। आरोप है कि उसकी पत्नी छोड़ देने की धमकी देकर मायके जाने लगी। कई बार वह पत्नी को समझा बुझाकर वापस घर लाया। अब 20 दिन पहले वह ससुराल-मायके को छोड़कर ग्रेटर नोएडा में अपनी एक बेटी के साथ रह रही है, जबकि दूसरी बेटी पिता के पास है। कोतवाली प्रभारी संजय सिंह का कहना है कि पत्नी ने अदालत से पति पर मुकदमे के लिए पत्र भेजा है। पति को भी बुलाकर पूछताछ की गई है। मामले की जांच की जा रही है और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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