यूपी रेरा केवल बीबीए के आधार पर शिकायतों की सुनवाई करता है। पूर्व सीएम की पत्नी ने 29 कॉमर्शियल यूनिट पर कब्जा दिलवाने की मांग की थी। लेकिन बीबीए केवल 15 यूनिट का था। रेरा ने बाकी 14 यूनिट के दावों को खारिज कर दिया है। उसके लिए पूर्व सीएम की पत्नी को सिविल कोर्ट जाना होगा।
मजिस्ट्रेट के समक्ष जीपीए को दें चुनौती
सुनवाई के दौरान बिल्डर ने जीपीए को मानने से इंकार कर दिया था। मूल आवंटी को ही कब्जा देने का दावा किया था। रेरा की पीठ ने कहा है कि अगर बिल्डर को जीपीए फर्जी लगा रहा है तो उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष चुनौती दें।
बिल्डर को दिसंबर तक शिकायतकर्ता को बीबीए के आधार पर यूनिटों पर कब्जा देना होगा। बाकी संपत्ति को लेकर पूर्व सीएम की पत्नी को सिविल कोर्ट जाना होगा।
बलविंदर कुमार, सदस्य, यूपी रेरा