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चीन के नागरिकों की गिरफ्तारी से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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नोएडा (सुशांत समदर्शी) । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे होने की वजह से हाईटेक सिटी नोएडा पहले से ही विदेशियों व आतंकियों के निशाने पर है। अब उत्तर प्रदेश के नंबरों से चीन में व्हाट्सएप नियंत्रित किए जाने के खुलासे और नोएडा से चीन के दो नागरिकों की गिरफ्तारी होने से शहर की सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों की सतर्कता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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बताया जा रहा है कि गिरफ्तार चीन के नागरिकों ने नोएडा में ही उन्होंने अपना ठिकाना बना रखा था। इस दौरान दोनों, एनसीआर के अन्य शहरों में भी आवाजाही कर रहे थे। कमिश्नरेट पुलिस और शहर की सुरक्षा एजेंसियों को इनकी भनक तक नहीं लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नोएडा आगमन व गणतंत्र दिवस से पहले हुई इस गिरफ्तारी के बाद कमिश्नरेट पुलिस के हाथ पांव फूल गए हैं। इससे पहले भी नोएडा में पाकिस्तानी, बांग्लादेशी आतंकियों से लेकर लश्कर के आतंकी भी गिरफ्तार करने के साथ मारे भी जा चुके हैं। जैश-ए-मोहम्मद से लेकर लश्कर के आतंकियों तक की नोएडा से गिरफ्तारी हुई है।
वर्ष 1988 में आतंकी हरविंदर सिंह को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया था। 2002 में पुलिस ने शहर में रह रहे आईएसआई के एजेंट मोहम्मद सलीम को पकड़ा था। सलीम नाम बदलकर रह रहा था। 2003 में पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर मंजूर डार को सेक्टर-24 के पास से गिरफ्तार किया था। वहीं 2005 में असम पुलिस ने नोएडा में रह रहे 4 संदिग्ध पाकिस्तानियों को दबोचा था। इसके अलावा 25 जनवरी 2009 की रात बड़ी सफलता मिली थी, तब कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस व एटीएस ने मिलकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दो आतंकियों को मार गिराया था। मारे गए आतंकियों की पहचान फारूख उर्फ अली मोहम्मद व अबु इस्माइल के रूप में हुई थी। इनके पास से एके 47 जैसे घातक हथियार भी मिले थे। घाटकोपर बम ब्लास्ट के आरोपी तौफीक की भी 23 नवंबर 2011 को नोएडा से गिरफ्तारी हुई थी। 19 नवंबर 2015 को सेक्टर-14ए पेट्रोल पंप के पास से बांग्लादेश के आतंकी अब्दुल को गिरफ्तार किया गया था।
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नोएडा है सॉफ्ट टारगेट
महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान व आईटी हब होने के कारण नोएडा आतंकियों के निशाने पर है। आतंकियों की गिरफ्तारी व उनसे मिले इनपुट के बाद यह बात कई बार सामने आई है कि नोएडा सॉफ्ट टारगेट है। जनपद में स्लीपिंग मॉड्यूल होने की खुफिया जानकारी भी पुलिस के पास है। शहर के अंदर मेट्रो, मौसम विभाग, आईओसी सहित कई बड़े प्रतिष्ठान हैं।
जर्मन बेकरी के आतंकियों के पास था नोएडा का नक्शा
8 सितंबर, 2010 को मुंबई एटीएस ने पुणे जर्मन बेकरी बम ब्लास्ट के मामले में हिमायत बेग बिलाल को गिरफ्तार किया था। इनके पास से नोएडा पार्क व सेक्टर-18 मार्केट का नक्शा मिला था। हिमायत बेग सिमी का भी सक्रिय सदस्य रहा था।
पश्चिमी यूपी में कई स्लीपिंग मॉड्यूल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आतंकियों के स्लीपिंग मॉडयूल मौजूद रहे हैं। पूर्व में इलियास कश्मीरी से लेकर कई अन्य आतंकियों के छिपे होने की बात सामने आ चुकी है। पुलिस ने इनमें से कई स्लीपिंग मॉड्यूल को गिरफ्तार किया है। गौतमबुद्ध नगर जिले की नींव पड़ने के पहले ही शहर में आतंकी हरकतें शुरू हो गई थी। पिलखुआ, गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा, आईएसआई एजेंट जावेद व यूसुफ के करीब आया और उन्हें अहम जानकारियां देने लगा। टूंडा का नोएडा के कई इलाकों में आना जाना था।
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