नोएडा (राजन राय)। पर्वतारोही अर्जुन वाजपेयी त्रिशूल की चोटी पर चढ़कर रिकॉर्ड बनाने से चूक गए। उत्तराखंड स्थित त्रिशूल पर्वत की चोटी को फतह करने निकले अर्जुन और उनकी टीम को बारिश और बर्फबारी के कारण अपना अभियान रास्ते में ही रोकना पड़ा। 7210 मीटर ऊंची चोटी को फतह करने निकले अर्जुन ने टीम के साथ 5300 मीटर तक की चढ़ाई पूरी करने के बाद सोमवार को घर लौट आए। त्रिशूल की इस चोटी को सर्दी के मौसम में अब तक कोई भी पर्वतारोही फतह नहीं कर सका है।
माउंट त्रिशूल हिमालय की तीन चोटियों के समूह का नाम है, जो उत्तराखंड के मध्य में बागेश्वर जिले के निकट पश्चिमी कु माऊं में स्थित है। इस चोटी को फतह करने के लिए नोएडा निवासी अर्जुन वाजपेयी 28 जनवरी को अपने दो साथियों मुंबई निवासी पार्थ उपाध्याय और लद्दाख निवासी मोहम्मद अली के साथ निकले थे। उनकी टीम 31 जनवरी को 4600 मीटर ऊंचे बेस कैंप तक पहुंच गई थी। वहां से चलने के बाद टीम ने 700 मीटर तक की चढ़ाई और कर ली, लेकिन फिर एकाएक ही मौसम के खराब होने से उन्हें रुकना पड़ा। लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण उन्होंने 6 फरवरी को लौटने का निश्चय किया। सोमवार को वह घर भी पहुंच गए।
तिरंगा नहीं लहराने पाने का है मलाल
अर्जुन ने बताया कि 1910 मीटर की और चढ़कर त्रिशूल पर्वत की चोटी को फतह कर लेते, लेकिन मौसम इस कदर खराब था कि एक मीटर की चढ़ाई की गुंजाइश नहीं थी। उन्होंने बताया कि त्रिशूल पर्वत पर ठंड के मौसम में अब तक किसी ने भी फतह हासिल नहीं की है। इस रास्ते में मोटी बर्फ के साथ ऊंची-नीची चट्टानें होने के कारण चढ़ाई काफी दुर्गम मानी जाती है। अर्जुन का कहना है कि चोटी पर तिरंगा नहीं लहरा पाने का मलाल है।