नोएडा देश का पहला और ग्रेनो दूसरा सबसे प्रदूषित शहर, बचाव के इंतजाम नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा/ग्रेटर नोएडा। एक दिन की राहत के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा फिर खराब हो गई है। बृहस्पतिवार को दोनों शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक डार्क रेड जोन के करीब पहुंच गया है। नोएडा का एक्यूआई 391 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 381 रहा है। एक्यूआई बढ़ने के साथ ही नोएडा देश का पहला और ग्रेटर नोएडा दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा।
नवंबर माह में नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा काफी प्रदूषित रही है। सात नवंबर के बाद से लगातार एक्यूआई रेड और डार्क रेड जोन में चल रही है। बुधवार को दोनों शहर के एक्यूआई में सुधार हुआ था। हालांकि एक्यूआई रेड जोन में रहा, लेकिन नोएडा का एक्यूआई 350 और ग्रेनो का एक्यूआई 322 रहा था। बृहस्पतिवार को दोनों शहर का एक्यूआई डार्क रेड जोन के करीब पहुंच गया है। नोएडा का एक्यूआई बढ़कर 391 और ग्रेनो का एक्यूआई 381 रहा। दोनों देश के सबसे प्रदूषित शहर भी रहे। वहीं देश के टॉप-5 प्रदूषित शहरों की सूची में चार एनसीआर के शहर शामिल हैं। शहर के लोगों का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण से बचाव के इंतजाम नहीं हो रहे हैं। सर्दी बढ़ने के साथा ही वायु प्रदूषण भी बढ़ा है, लेकिन विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई भी नहीं हो रही है। अगर धूल उड़ने से रोकी जा सके तो कुछ हद तक वायु प्रदूषण पर नियंत्रण लगाया जा सकता हैं।
ग्रेनो वेस्ट की तरह प्रदूषित शहर ग्रेनो
ग्रेनो बुधवार को ग्रेनो वेस्ट से कम प्रदूषित था। ग्रेनो वेस्ट का एक्यूआई 400 के करीब रहा था, लेकिन ग्रेनो का एक्यूआई ऑरेंज जोन में 300 से कम रहा था। बृहस्पतिवार को दोनों क्षेत्र की स्थिति एक जैसी रही। ग्रेनो के नॉलेज पार्क-3 का एक्यूआई 371 और ग्रेनो वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 का एक्यूआई 391 रहा।
देश के टॉप-5 प्रदूषित शहर
शहर एक्यूआई
नोएडा 391
ग्रेटर नोएडा 381
दिल्ली 377
मानेसर 368
गाजियाबाद 358