ग्रेटर नोएडा में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए दो बड़े प्रोजेक्टों को मंजूरी मिली है। शाहबेरी डबल डेकर फ्लाईओवर और जुनपत-बोड़ाकी से ईपीई तक 105 मीटर सड़क का निर्माण होगा। रिठौरी में फुटओवर ब्रिज और आवासीय भूखंडों के निर्माण के लिए 2028 तक अतिरिक्त समय भी दिया गया है।
ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा की ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे-ईपीई और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे-डीएमई तक कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए दो प्रमुख प्रोजेक्टों को मंजूरी मिल गई है। शाहबेरी डबल डेकर फ़्लाईओवर का जहां अब निर्माण हो सकेगा। वहीं, जुनपत डिपो से आगे अधूरी 105 मीटर रोड को भी पूरा करने के लिए मंजूरी ग्रेनो प्राधिकरण बोर्ड ने दी है। दूसरे चरण में इस सड़क को आगे हापुड़ बाईपास से भी जोड़ा जाएगा।
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बृहस्पतिवार को अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में रही बोर्ड बैठक में सीईओ रवि कुमार एनजी ने डबल डेकर फ्लाईओवर व अन्य प्रोजेक्टों के लिए प्रस्ताव रखे। उन्होंने बताया कि ग्रेनो वेस्ट में जाम की स्थिति को देखते हुए 130 मीटर रोड से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) को क्रॉसिंग रिपब्लिक के पास डबल डेकर फ्लाईओवर से जोड़ा जाना है। एनएचएआई की तैयार डीपीआर पर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण से सहमति लेकर प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।
पहले चरण में डीएमई से एक मूर्ति रोटरी तक डबल डेकर फ्लाईओवर 756.01 करोड़ रुपये खर्च कर बनेगा। दूसरे चरण में मौजूदा सड़क को सुधारने का काम प्राधिकरण करेगा। इस प्रोजेक्ट की लागत यमुना प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण समान रूप से वहन करेंगे। इस फ्लाईओवर का फायदा सभी प्राधिकरणों के लोगों को होना है। भविष्य में यमुना सिटी में भी 130 मीटर रोड का निर्माण होना है। इससे जेवर लिंक एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे भी इससे सीधे तौर पर डीएमई, नोएडा, ग्रेनो वेस्ट और गाजियाबाद से जुड़ जाएंगे।
इसके अलावा ग्रेटर नोएडा को ईपीई से बोड़ाकी के पास लिंक करने के लिए 105 मीटर चौड़ी सड़क का काम पूरा होना है। एनएचएआई से यह सड़क ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बनवाएगा। नोएडा प्राधिकरण भी इस सड़क की जमीन की लागत में 50 प्रतिशत भागीदारी करेगा। इसके लिए जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण देगा। अभी अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट से नोएडा मेट्रो डिपो तक यह सड़क छह किमी में बनी है। जुनपत से आगे बोड़ाकी होते हुए ईपीई तक12 किमी में इसका निर्माण पूरा किया जाना है।
इससे जहां ग्रेटर नोएडा सीधे ईपीई से जुड़ेगा। वहीं भविष्य में प्रस्तावित बोडाकी में ग्रेटर नोएडा टर्मिनल भी परी चौक के पास नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। दूसरे चरण में इसे हापुड बाईपास तक विस्तारित किया जाना है। इससे नोएडा प्राधिकरण की न्यू नोएडा योजना भी इससे कनेक्ट हो सकेगी। तीन ओवरब्रिज भी इस 12 किमी सेक्शन में ईपीई, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लिंक लाइन और जीटी रोड पर बनाए जाने हैं। सर्विस लेन के साथ 10 लेन की यह सड़क बनेगी।
रिठौरी में रेलवे लाइन पर बनेगा फुटओवर ब्रिज
रिठौरी गांव के निवासियों को रेलवे लाइन पार करने में आ रही समस्या दूर हो सकेगी। यहां फुटओवर ब्रिज के निर्माण को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इस फुटओवर ब्रिज को बनाने के लिए वर्ष2022 में सांसद डॉ. महेश शर्मा का पत्र प्राधिकरण को प्राप्त हुआ, जिस पर प्राधिकरण की तरफ से डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुरोध किया गया। इसे बनाने का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को वहन करेगा। रेलवे लाइन के ऊपर निर्माण के लिए रेलवे से स्वीकृति व एनओसी भी लेनी होगी। फुटओवर ब्रिज में रैंप, सीढ़ियों और लिफ्ट का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्ताव पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है।
30 जून 2028 तक कर पाएंगे निर्माण
ग्रेटर नोएडा की आवासीय भूखंड योजनाओं के आवंटियों को भवन निर्माण पूरा कर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए एक अंति अवसर दिया गया है। ऐसे आवंटियों को 30 जून 2028 तक अतिरिक्त समय देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। जिन भूखंडों पर अभी निर्माण पूरा नहीं हुआ है या कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया गया है। यह समय विस्तार वर्तमान में प्रचलित विलंब शुल्क के साथ अप्रूव्ड किया गया है। इस अवधि के बाद आवंटन भी अगर किसी ने कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र नहीं ले लिया तो उसका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।