कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त जिला जज अरविंद कुमार की अदालत ने नगर पालिका पिहोवा के खिलाफ स्ट्रीट वेंडर्स राजफूल और दीपक तनेजा की अपील को खारिज कर दिया। यह अपील सिविल जज (जूनियर डिवीजन) पिहोवा के 24 मार्च 2023 के निर्णय के खिलाफ दायर की गई थी जिसमें वादीगण का मुकदमा खारिज कर दिया गया था।
राजफूल (47) और दीपक तनेजा (25) ने दावा किया कि वे 17-18 वर्षों से गुरुद्वारा रोड बोहली साहिब गुरुद्वारा के सामने बस अड्डे के पास फल और कॉस्मेटिक व स्टेशनरी के खोखे संचालित कर रहे हैं। उनके पास नगर पालिका की ओर से जारी स्ट्रीट वेंडर लाइसेंस हैं और वे नियमित रूप से लाइसेंस शुल्क अदा करते हैं। उन्होंने पालिका की ओर से जारी आदेश पर स्टे और इस घोषणा की मांग की थी कि उनकी दुकानें वैध हैं और नगर पालिका को इन्हें ध्वस्त करने या उन्हें बेदखल करने से रोका जाए।
नगर पालिका ने तर्क दिया कि वादीगण ने बाबा दलीप सिंह मार्ग के फुटपाथ पर अवैध रूप से स्थायी खोखे बनाए हुए हैं जिससे सार्वजनिक रास्ता अवरुद्ध हो रहा है। यह व्यस्त सड़क न्यायिक परिसर, एसडीएम और तहसील कार्यालय की ओर जाती है। इसके अतिक्रमण के कारण यातायात जाम और जनता को असुविधा हो रही है। सीएम विंडो की शिकायतों के आधार पर अक्तूबर 2020 में नोटिस जारी किया गया था। वैकल्पिक स्थान की पेशकश की गई थी जिसे वादी ने अस्वीकार कर दिया।
अदालत ने पाया कि वादी के पास केवल वेंडिंग लाइसेंस था, न कि विशिष्ट भूमि आवंटन। स्थायी संरचनाएं बनाकर उन्होंने लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन किया जिससे वे अतिक्रमणकारी बन गए। अदालत ने निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण से मुक्त करना नगर पालिका का कर्तव्य है। अपील खारिज करते हुए अदालत ने वादी को वैकल्पिक स्थान के लिए प्राधिकरण से संपर्क करने की सलाह दी।