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छात्रों की नहीं बनी अपार आईडी: 265 निजी स्कूलों की लापरवाही से अटकी छात्रों की डिजिटल पहचान, रद्द होगी मान्यता

Sat, 08 Aug 2026 12:39 PM IST
Vijay Singh Pundir अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
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निजी स्कूलों की लापरवाही हजारों छात्रों की डिजिटल पहचान पर भारी पड़ रही है। जिले के 265 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अब तक अपने एक लाख सात हजार 76 छात्रों की ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार आईडी) नहीं बना सके हैं। इन स्कूलों की मान्यता रद्द होने की कार्रवाई की प्रकिया 10 अगस्त के बाद शुरु होगी। मान्यता रद्द होने की प्रकिया से पहले यूडाइस कोड भी बंद होगा।

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विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई बड़े निजी विद्यालय फिसड्डी साबित हुए हैं। दयावती मेमोरियल स्कूल दादरी में 4,659 छात्रों में से 2,389, विद्या पब्लिक स्कूल बिसरख में 1,203, हर्ष दीप पब्लिक जूनियर हाई स्कूल में 1,104, शारदा पब्लिक स्कूल में 1,060, एचएस पब्लिक स्कूल में 996, अंजेल पब्लिक स्कूल में 989, धर्म सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल में 978, अनुभा ग्लोबल स्कूल में 905, बाल उदय मॉडल स्कूल में 892 और एसएसवी पब्लिक स्कूल दनकौर में 886 छात्रों की अपार आईडी अब तक नहीं बन सकी है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों की प्रतिदिन निगरानी करें। वहीं सूचीबद्ध विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्यों को 10 अगस्त को संबंधित बीईओ कार्यालय में अपने अपार कार्य से जुड़े प्रभारी और लैपटॉप के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं, ताकि मौके पर ही लंबित कार्य पूरा कराया जा सके।

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सहमति पत्र विद्यालय पर सुरक्षित रखना होगा
बीएसए ने स्पष्ट किया है कि अपार आईडी बनाने से पहले छात्रों के अभिभावकों की सहमति पत्र विद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखा जाना अनिवार्य है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ या संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा शासनादेशों के तहत कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति भेजी जाएगी। इस सख्ती के बाद जिले के निजी विद्यालयों में हलचल मच गई है। अब सभी की निगाहें 10 अगस्त की समयसीमा पर टिकी हैं।

शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रुप मिल रहा
नई शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रत्येक छात्र की डिजिटल शैक्षणिक पहचान तैयार करने के उद्देश्य से यू-डायस प्लस पोर्टल पर अपार आईडी बनाई जा रही है। यह आईडी छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने और भविष्य में स्कूल बदलने, छात्रवृत्ति, बोर्ड परीक्षा तथा अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके बावजूद जिले के कई निजी विद्यालयों में यह कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है।

इन स्कूलों को भेजा गया नोटिस
दयावती मेमोरियल स्कूल (दादरी), विद्या पब्लिक स्कूल, शारदा पब्लिक स्कूल, एसएसवी पब्लिक स्कूल (दनकौर), आरडी मॉडर्न पब्लिक स्कूल, ग्रीन फील्ड तिगरी, सेंट बीएस पब्लिक स्कूल, मैक्सविन पब्लिक स्कूल (जेवर), मदर कॉन्वेंट स्कूल, फ्रॉबेल पब्लिक स्कूल, डीएस पब्लिक स्कूल, आर्य दर्शन पब्लिक स्कूल, वी.पी.एस. पब्लिक स्कूल, न्यू ग्रीन लॉन्स पब्लिक स्कूल, जेबीबीएस ग्लोबल स्कूल, हेरिटेज पब्लिक स्कूल, एस.के. इंटरनेशनल स्कूल, आरसीएस मॉडर्न स्कूल, ग्रीन वैली मॉडर्न स्कूल, आर्य दीप पब्लिक स्कूल, सुरभी पब्लिक स्कूल, श्री रामा पब्लिक स्कूल, माउंट विन्सन स्कूल, सेंट करेंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गोल्डन फ्यूचर पब्लिक स्कूल, विद्या वर्ल्ड स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, एडुकेयर पब्लिक स्कूल, टेक्नोस्फेयर इन्फोटेक पब्लिक स्कूल और ग्रेटर नोएडा पब्लिक स्कूल जैसे संस्थान शामिल हैं।

265 स्कूलों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। अब इन स्कूलों की मान्यता रद्द की जाएगी। 10 अगस्त तक स्कूलों को समय दिया गया है। - राहुल पंवार,बीएसए
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