अभियान के तहत 13 विभागों की 523 टीमें की गईं तैनात : गोपाल राय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार विंटर एक्शन प्लान के तहत 7 अक्तूबर से 7 नवंबर तक धूलरोधी अभियान (एंटी डस्ट कैंपेन) शुरु करेगी। इसकी निगरानी के लिए 13 विभागों की 523 टीमें तैनात की गई हैं। शनिवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि टीमें 24 घंटे तक धूल प्रदूषण की घटनाओं की निगरानी और उसे रोकने का काम करेंगी।
इसकी रिपोर्ट पर्यावरण विभाग और डीपीसीसी के साथ साझा की जाएगी। सीएंडडी पोर्टल पर 500 वर्गमीटर से अधिक वाले सभी निर्माण साइट का पंजीकरण अनिवार्य है। धूल प्रदूषण को रोकने के लिए 85 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग (एमआरएस) मशीनें और 500 वाटर स्प्रिंकलर तैनात किए गए हैं। पर्यावरण नियमों का पालन करने पर निर्माण एजेंसी को सरकार हरित रत्न अवार्ड से सम्मानित करेगी। पांच हजार वर्गमीटर से ज्यादा की निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन लगाना जरूरी है। 10 हजार वर्गमीटर की साइट पर एक एंटी स्मॉग गन, 10-15 हजार वर्गमीटर साइट पर 2, 15-20 हजार वर्गमीटर की साइट पर 3 और 20 हजार वर्गमीटर से ऊपर की निर्माण साइट पर न्यूनतम 4 एंटी स्मॉग गन लगानी होंगी।
नियमों के उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना
गोपाल राय ने बताया कि सीएंडडी पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करने पर 20 हजार वर्गमीटर से कम क्षेत्र वाले निर्माण साइट पर एक लाख व 20 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र वाले निर्माण प्रोजेक्ट पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। एंटी स्मॉग गन नहीं लगाने पर 7,500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा। वहीं, निर्माण साइट पर धूल शमन उपाय नहीं करने पर 500 वर्गमीटर से कम क्षेत्र वाले निर्माण प्रोजेक्ट पर 7,500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब व उससे अधिक क्षेत्र वाले निर्माण प्रोजेक्ट पर 15 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, निर्माण सामग्री ले जा रहे वाहनों को बिना ढके ले जाने पर 7,500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
निर्माण स्थल के लिए नियम
. चारों तरफ धूल रोकने के लिए ऊंची टीन की दीवार खड़ी करना जरूरी।
. निर्माणाधीन क्षेत्र और भवन को तिरपाल या जाल से ढकना जरूरी।
. निर्माण सामग्री को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सफाई व पहिये साफ करना जरूरी है।
. मलबा नियत स्थान पर डालना होगा। पत्थर की कटिंग का काम खुले में नहीं होगा।
. निर्माण स्थल पर लगातार पानी का छिड़काव करना होगा।
. बीस हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र के निर्माण और ध्वस्तीकरण साइट जाने वाली सड़क पक्की करनी होगी।
. निर्माण सामग्री या मलबे की ढुलाई करने वाले कर्मचारी को डस्ट मास्क देना पड़ेगा।
. सभी वर्कर के लिए चिकित्सा की व्यवस्था करनी होगी।