नई दिल्ली। राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। उच्च न्यायालय ने अस्पताल में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की कमी, जरूरी दवाओं की अनुपलब्धता और एचआईवी जैसी घातक बीमारियों की जांच करने वाली एनएटी मशीन के ठप पड़ने के आरोपों पर अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे इस संबंध में हलफनामा दाखिल कर अदालत को स्थिति से अवगत कराएं। अदालत ने कहा कि एनएटी परीक्षण और आवश्यक दवाओं की अनुपलब्धता पर स्पष्ट जवाब दिया जाए। अगली सुनवाई की तारीख 17 दिसंबर तय की गई है। यह मामला गैर-सरकारी संगठन ‘कुटुंब’ की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। ब्यूरो