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Noida News: वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में फूटा गुस्सा, जुलूस निकाला... प्रदर्शन

Tue, 14 Oct 2025 12:22 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में फूटा गुस्सा, जुलूस निकाला... प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। एडीजीपी एवं आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सोमवार को जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया गया। दलित अधिकार मंच हरियाणा और अन्य संगठन प्रदर्शन में शामिल हुए। लघु सचिवालय जाकर उपायुक्त को ज्ञापन देने के मुद्दे पर पुलिसकर्मियों से प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों से बहस हुई। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर शांत किया। राज्यपाल के नाम से ज्ञापन दिया गया।
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुबह करीब 10 बजे पुराने बस स्टैंड के समीप कर्ण पार्क में एकत्रित हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में लघु सचिवालय तक पहुंचे और मुख्य द्वार पर नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोका तो दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई। आंदोलनकारियों ने उपायुक्त को ही ज्ञापन देने की बात की। माहौल तनावपूर्ण होने लगा। एडीएम अनुभव मेहता ने प्रदर्शनकारियों से बात कर माहौल को शांत किया। चार से पांच लोगों को उपायुक्त के पास अपनी मांग रखने के लिए लेकर गए।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है कि सरकारी तंत्र में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों ने इस पुलिस अधिकारी के साथ जातिगत भेदभाव, अपमान और सामाजिक उत्पीड़न किया कि उन्होंने मजबूरन आत्मघाती कदम उठा लिया। उन्होंने कहा कि आरोपी अधिकारियों को उनके पदों से हटाकर गिरफ्तार किया जाए, ताकि वह जांच को प्रभावित ना कर सकें। प्रदर्शनकारियों ने महापंचायत में 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। कहा कि इस समय में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो समाज बड़ा फैसला लेगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पराग गाबा ने कहा कि आत्महत्या को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। बसपा के प्रदेश सचिव रामदास कर्णवाल ने कहा कि सरकार सिर्फ बातचीत का नाटक कर रही है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की आस में दर-दर भटक रहा है।
इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुशील गुर्जर, वीरभान बिडलान, शारदा, पार्वती तनेजा, सुमन मंगलोरा, कृष्ण शर्मा, ताराचंद सैनी, धीरज सिंह रावत, धनी राम, तेलूराम, उधम सिंह राठी, राजकुमार विनोद परोचा, सियानंद, रोशन लाल गुप्ता, जय भगवान शर्मा मौजूद रहे।

यह संस्थागत हत्या
- दलित अधिकार मंच हरियाणा के जिला संयोजक ओमप्रकाश सिंहमार ने कहा कि आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या नहीं की बल्कि यह संस्थागत हत्या है। दिवंगत अधिकारी ने अंतिम नोट में अनेक आईपीएस व आईएएस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिन्होंने उनका उत्पीड़न किया।
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कानून व्यवस्था चौपट
समाजसेवी अमन जोशी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है, जिसका परिणाम है कि एडीजीपी को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पीड़ित परिवार के पास गए और उन्होंने न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिया, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला।
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