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आंगनबाड़ी केंद्रों का निजीकरण नहीं होने देंगे

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नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। - फोटो : Mewat
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आंगनबाड़ी केंद्रों का निजीकरण नहीं होने देंगे
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नूंह। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार को सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यूनियन का कहना है कि सरकार, प्रदेश में 3-6 वर्ष तक के बच्चों के लिए प्ले स्कूल खोलने की योजना बना रही है। एक निजी संस्था को इसकी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है। आंगनबाड़ी केंद्रों का निजीकरण किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नायब तहसीलदार अख्तर हुसैन ने मांगों को सरकार तक प्रमुखता से पहुंचाने का आश्वासन दिया।
यूनियन की जिला सचिव रीता धारीवाल ने धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार सभी विभागों के निजीकरण पर तुली है। आगामी समय में आंगनबाड़ी केंद्रों का प्ले स्कूलों के माध्यम निजीकरण करना चाहती है। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा देने के निर्देश जा रहे हैं। वहीं सरकार द्वारा अभी तक वर्करों को फोन या किसी प्रकार का खर्चा दिए जाने की बात नहीं कही गई है। इससे सीधे तौर पर सरकार की मानसिकता पता चलती है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह फैसला वापस लेना पड़ेगा। यदि सरकार इस बात को नहीं मानती है तो प्रदेशभर में वर्कर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगी।
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उन्होंने कहा कि बीए, एमए व एनटीटी की शर्त को हटाकर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में बिना किसी निजी संस्था को बीच में लाए तब्दील किया जाए। आंगनबाड़ी वर्करों को गेस्ट टीचर के समान वेतन दिया जाए। 2018 में हुए समझौतों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। इस दौरान जायदा, रूबीना, सरोज, आमरा, जमशीदा, संतोष, पार्वती, मोमीना व बबीता आदि मौजूद रहीं।
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