-शिक्षक संगठन और छात्र संगठनों ने घटना के विरोध में किया प्रदर्शन
-समिति दो हफ्तों में जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के डॉ. बीआर अंबेडकर कॉलेज में डूसू की संयुक्त सचिव दीपिका झा द्वारा कॉलेज अनुशासन समिति के संयोजक प्रो. सुजीत कुमार को थप्पड़ मारने के मामले को कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने संज्ञान लिया है। कुलपति ने घटना की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया है। यह समिति दो हफ्तों में जांच कर पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपेगी।
छह सदस्यों वाली समिति की अध्यक्षता प्राणी विज्ञान विभाग की प्रो. नीता सहगल करेंगी। इस समिति में हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. रमा, पीजीडीएवी कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. दरविंदर कुमार सहित कई दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह कमेटी मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। इस घटना के विरोध में दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। डूटा अध्यक्ष वी.एस नेगी ने कहा कि शिक्षक पर किए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते है। इस प्रकार की घटनाएं अत्यंत निंदनीय है। यह शिक्षकों की गरिमा और शैक्षणिक वातावरण की पवित्रता पर आघात करती है।
शिक्षकों की सुरक्षा और सम्मान हो सुनिश्चित
एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति, प्रॉक्टर और डीन ऑफ कॉलेजज से मिलकर शिक्षकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की गई। इस घटना के विरोध में छात्र संगठनों ने भी नॉर्थ कैंपस में प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया(एसएफआई) दिल्ली ने डूसू कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन से समयबद्ध जांच करने और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की। एसएफआई दिल्ली संयोजक सिमरन के मुताबिक यह कोई पहला मामला नहीं है। एबीवीपी से डूसू के पूर्व अध्यक्ष रहे तुषार डेढ़ा ने भी कैंपस में डीयू प्रोफेसर को प्रताड़ित किया था।
घटना पर डूसू संयुक्त सचिव ने मांगी माफी
इस पूरे मामले पर डूसू संयुक्त सचिव दीपिका झा ने वीडियो जारी कर कहा कि वह कॉलेज गई थी। छात्रों ने उन्हें राजनीतिक द्वेष और प्रो. सुजीत कुमार द्वारा मारपीट के संबंध में बुलाया था। जब वह प्रिंसिपल कार्यालय पहुंची तो वहां पुलिस की मौजूदगी में प्रोफेसर ने मुझे धमकी दी और अपशब्द बोले। इस संबंध में पुलिस कर्मियों को बोला कि बार-बार मुझे धमकी और गाली दी जा रही है। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई और मुझे धमकी देकर घूर-घूरकर देखना इससे स्पष्ट हो रहा था कि वह नशे की हालत में थे। यह देखकर आक्रोश में हाथ उठ जाता है। इस घटना के प्रति खेद प्रकट करती हूं। समस्त शिक्षक समुदाय से माफी मांगती हूं।
कानून व्यवस्था संभालने की थी जिम्मेदारी
इस घटना पर कॉलेज प्रो. सुजीत कुमार का भी एक बयान सामने आया। सुजीत कुमार ने कहा कि मैं अनुशासन समिति का संयोजक हूं। कॉलेज में कानून व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी है। कॉलेज में यूनियन का शपथ समारोह और फ्रेशर का स्वागत था। प्रिंसिपल को कुलपति कार्यालय जाना था। उन्होंने कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उस दिन कॉलेज यूनियन अध्यक्ष को पीटा जाता है। जब मैंने उसे आश्वासन दिया कि उसे नहीं पीटा जाएगा। तो उसे दोबारा पीट दिया जाता है। व
दबाव में लिया गया इस्तीफा
उन्होंने बताया कि फिर कार्यक्रम को बंद करा दिया। मारपीट करने वाले बच्चे पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती थी तो उन लोगों ने डूसू को बुला लिया। 50-100 लोग आए मुझे और स्टाफ को बेइज्जत किया। महिलाओं को चोटें आईं। शिक्षक मुझे बचा रहे थे। हमलावर मारपीट करने पर उतारू थे। पुलिस वाले किसी तरह से मुझे प्रिंसिपल के कमरे में ले गए। वहां स्टूडेंट यूनियन के लीडर बैठ गए। मुझ पर समिति से इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया। मैंने दबाव में इस्तीफा दे दिया। उसके बाद दीपिका झा बगल में आकर बैठने लगती है। इसको वीडियो में देखा जा सकता है। पुलिस वालों ने मना भी किया। फिर टेबल के सामने पर बैठ जाती है। आखिर में उसने मुझे थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ मारने का मेरे पास वीडियो फुटेज है।