लखनावली में जमा कूड़े को हटाने के लिए लगेगा 800 टन क्षमता का प्लांट
- ग्रेनो प्राधिकरण ने शुरू की अनुभवी कंपनी की तलाश, तीन साल में कूड़ा खत्म कर अस्तौली में नए प्लांट पर निस्तारण शुरू करने की योजना
- 182 करोड़ रुपये की लागत से लगेगा प्लांट
अतुल भारद्वाज
ग्रेटर नोएडा। लखनावली में जमा कूड़े को अगले तीन साल में खत्म कर अस्तौली में नई साइट शुरू करने की योजना पर ग्रेनो प्राधिकरण ने काम शुरू करा दिया है। इसके लिए 182 करोड़ रुपये खर्च कर अगले तीन साल के लिए लखनावली में नया प्लांट लगाया जाएगा। इस बीच अस्तौली में भी पीपीपी मॉडल पर नया प्लांट प्राधिकरण शुरू करेगा। लखनावली से पुराना कूड़ा पूरी तरह खत्म किया जाना है। अगले 30 साल तक अस्ताैली में कूड़ा निस्तारण किया जाएगा।
प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस के मुताबिक लखनावली में लीगेसी वेस्ट के अलावा नया कूड़ा भी अभी पहुंच रहा है। लखनावली की साइट को पूरी तरह बंद किया जाना है। तीन साल में यहां मौजूद कूड़े को पूरी तरह खत्म करने की योजना बनाई गई है। इसकी क्षमता को भी जरूरत होने पर बढ़ाने का प्रयास रहेगा। अगर अस्तौली में प्लांट शुरू होने में देरी हुई तो लखनावली में ही प्लांट लगाने वाली कंपनी को दे साल और अधिक समय दे दिया जाएगा। प्राधिकरण के मुुताबिक इस योजना में पांच साल से अधिक समय नहीं लगेगा। अस्तौली में निजी कंपनियों की मदद से बायोगैस प्लांट लगाने पर भी काम शुरू कराया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में करीब 350 टन नया कचरा रोजाना पैदा होता है। इसमें से करीब 150 टन बायोगैस बनाने के लिए निजी कंपनियां लेती हैं। वहीं 200 टन कूड़ा रोजाना लखनावली साइट पर पहुंचता है। ऐसे में लीगेसी वेस्ट के साथ नए कूड़े को भी लखनावली में निस्तारित किए जाने पर काम होना चुनौती बना हुआ है। एनजीटी के निर्देश पर इस साइट पर जमा करीब दो लाख टन लीगेसी वेस्ट को पूरी तरह खत्म भी किया जाना है।
अस्तौली में बनेगा 1000 टन क्षमता का प्लांट
प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक अस्तौली में करीब 1000 टन क्षमता का प्लांट बनेगा। इसमें से 850 टन क्षमता निजी कंपनियां बायोगैस बनाने के लिए विकसित करेंगीं। बचे हुए कूड़े को प्राधिकरण द्वारा तय कंपनी के पीपीपी माॅडल पर बनाए प्लांट पर निस्तारित किया जा सकेगा। बायोगैस और दूसरे उत्पाद बनाने के लिए एनटीपीसी, रिलायंस जैसी कंपनियां प्राधिकरण के साथ जुड़ी हैं।
ग्रेनो तलाश रहा बेहतर कंपनी, दोबारा से हुआ टेंडर
लखनावली में प्लांट के लिए पिछले महीने भी प्रक्रिया प्राधिकरण ने शुरू कराई थी। अधिकारियों का कहना है कि पिछली बार अच्छी कंपनी नहीं मिल सकी। इसके लिए नए सिरे से कंपनी के चयन की प्रक्रिया शुरू की है। प्राधिकरण की कोशिश यही है कि ऐसी कंपनी का चयन हो जिसे अनुभव हो और उसका ट्रैक रिकॉर्ड भी खराब नहीं रहा हो।
लखनावली में कूड़े को पूरी तरह खत्म किया जाना है। वहां एक नया प्लांट लगाया जाना है। यह प्लांट अगले तीन साल के लिए काम करेगा। इसके काम पूरा करने से पहले ही अस्तौली में नया प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। भविष्य में लखनावली की साइट को बंद कर अस्तौली में कूड़ा निस्तारण शुरू कराया जाना है।
- श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण।