-कोर्ट रिसीवर की ओर से कब्जा मिले खरीदारों को किया गया आगाह
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-46 के आम्रपाली क्रिस्टल होम फेज-3 के खरीदार अपने फ्लैटों के स्ट्रक्चर में परिवर्तन करा रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने पर कोर्ट रिसीवर कार्यालय की ओर से उनको आगाह किया गया है। ऐसा करने पर फ्लैटों की ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट समेत रजिस्ट्री पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
कोर्ट रिसीवर कार्यालय की ओर से बताया गया कि यहां कब्जा मिलने वाले फ्लैट खरीदारों की ओर से फ्लैटों के वर्तमान स्ट्रक्चर में अवैध तरीके से बदलाव करने की शिकायत मिल रही है। इसके साथ ही ले आउट में भी बदलाव के तहत बालकनी को ढकने, फ्लैट के अंदर की दीवार को तोड़ने आदि की सूचना मिल रही है जो अवैध है। उन्होंने कहा कि स्ट्रक्चर में किसी तरह के परिवर्तन जैसे फायर पाइप लाइन को बढ़ाने, प्लंबिंग सिस्टम में छेड़छाड़, टावर के बाहरी स्वरुप को कवर करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
उन्होंने कहा कि स्ट्रक्चर से इस तरह की छेड़छाड़ भविष्य में इमारत की मजबूती पर असर डाल सकती है। यही नहीं परियोजना को क्लीयरेंस मिलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा फ्लैटों की ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और रजिस्ट्री आदि में भी मुश्किलें आ सकती हैं। यही नहीं, कुछ घर खरीदार अपने फ्लैट को इस तरह से तैयार करा रहे हैं कि यह आवासीय के अलावा दूसरी गतिविधियों के लिए भी उपयोग किया जा सके। इस तरह की गतिविधि भी पूरी तरह से प्रतिबंध है और यह अवैध गतिविधि के तहत मानी जाएगी।
अहम है कि परियोजना का काम नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) ने पूरा कराया है। एनबीसीसी ने अधूरे काम को पूरा कराया है। यहां करीब 900 फ्लैट हैं। इनमें से करीब 200 फ्लैटों की चाबी खरीदारों को सौंपी गई हैं। इनमें से 10-15 लोगों के अभी वहां रहने की सूचना है। बाकी खरीदार घरों में अपना खुद का काम करा रहे हैं। इस पर आपत्ति होने के बाद कोर्ट रिसीवर कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया। इससे पहले भी दूसरी अन्य परियोजनाओं में भी इस तरह की गतिविधि की सूचना