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अमोनिया गैस से जा सकती है जान

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बर्फ फैक्ट्री में अमोनिया गैस का रिसाव, बाल-बाल बचे कर्मी
नोएडा। सेक्टर-8 स्थित बर्फ फैक्ट्री में बृहस्पतिवार को मशीन में तेल बदलते समय अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। इस दौरान मालिक सहित 12 कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ गई। कर्मचारियों ने मास्क पहनकर रिसाव रोकने की कोशिश की, लेकिन ऑक्सीजन सिलिंडर चल नहीं पाया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग ने इस पर काबू पाया। खास बात यह है मदद को पहुंची दमकल विभाग की गाड़ी में लाया गया ऑक्सीजन सिलिंडर भी खाली थी। आननफानन में दूसरी गाड़ी में सिलिंडर मंगवाकर बचाव कार्य शुरू किया गया। बाद में पानी बरसाकर फैक्ट्री को गैस मुक्त कर दिया गया। वहीं, हादसे के समय फैक्ट्री के आसपास यातायात भी डायवर्ट कर दिया गया था।
सेक्टर-121 क्लियो काउंटी निवासी दुर्गेश शर्मा की सेक्टर-8 एफ ब्लॉक में तिरुपति आइस नाम से बर्फ की फैक्ट्री है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब पौने एक बजे हादसा हुआ। मालिक दुर्गेश, उनके बेटा, 5 मजदूर, 2 ड्राइवर और 2 मुनीम समेत 12 लोगों की आंखों से पानी बहने लगा और खांसी शुरू हो गई। कर्मचारियों ने फैक्ट्री में मौजूद ऑक्सीजन सिलिंडर का मास्क पहनकर रिसाव बंद करने की कोशिश की लेकिन वह काम नहीं कर सका। हालात बेकाबू होने पर दुर्गेश ने 100 नंबर पर पुलिस और फिर दमकल विभाग को सूचना दी। किसी तरह से एक-एक कर सभी लोग कंपनी से बाहर आ गए। इस दौरान गैस आसपास के क्षेत्र में फैलने लगी। सूचना मिलने पर सेक्टर-2 से दमकल की गाड़ी पहुंची तो उसमें रखा ऑक्सीजन सिलिंडर खाली निकला। फायर स्टेशन से दूसरा सिलिंडर मंगाकर राहत कार्य शुरू कराया गया। हालांकि दमकल और पुलिस ने उस क्षेत्र में जाने वाले वाहनों को रोक दिया। साथ ही लोगों की भीड़ को भी इधर उधर कर दिया गया। सीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सूचना के पौने घंटे में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। बचाव कार्य शुरू कर समय से काम खत्म कर लिया गया था।
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अमोनिया गैस से जा सकती है जान
अमोनिया गैस से व्यक्ति की आंखों में जलन होती है। साथ ही पानी निकलने लगता है। शरीर पर फफोले हो जाते हैं। अगर अधिक मात्रा में गैस शरीर के अंदर प्रवेश कर जाए तो जान भी जा सकती है। दमकल अधिकारियों का कहना है कि गैस की चपेट में आने पर गीला कपड़ा मुंह, नाक और शरीर को पानी से गीला कर लेना चाहिए। इससे गैस का प्रभाव कम हो जाता है।
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