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ट्रांसफर चार्ज और ओटीएस से मिलेगी आवंटियों को छूट

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ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण की 74वीं बोर्ड बैठक बुधवार को होगी। प्राधिकरण आवंटियों व किसानों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) और ट्रांसफर चार्ज का प्रस्ताव पेश करेगा। अभी संपत्ति की कुल कीमत का ढाई फीसदी चार्ज देना पड़ता था। इसे डेढ़ फीसदी करने की तैयारी है। बैठक में प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने से हजारों आवंटियों को सीधे-सीधे लाभ मिलेगा।
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साथ ही, जिन लोगों ने अभी तक खरीद-फरोख्त नहीं की है और केवल एग्रीमेंट कर रखे हैं, उन्हें भी फायदा होगा। ओटीएस योजना किसानों के सात फीसदी भूखंडों पर भी प्रभावी होगी। जिन किसानों ने आबादी के भूखंडों पर विकास समेत अन्य चार्ज जमा नहीं किया है, वह भी शुरुआती शुल्क देकर पेनाल्टी से मुक्ति पा सकेंगे। ओटीएस में 12 हजार भूखंड व 20 हजार किसान आवंटियों को फायदा होगा। ट्रांसफर चार्ज कम करने और ओटीएस से करीब एक लाख आवंटियों को लाभ मिलेगा।
एयरपोर्ट से दिल्ली तक मेट्रो और पॉड टैक्सी को मिलेगी मंजूरी
बोर्ड बैठक में जेवर से नई दिल्ली तक 72.5 किमी तक के कॉरिडोर और एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक पॉड टैक्सी योजना को मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा मास्टर प्लान-2041, लॉजिस्टिक हब व वेयरहाउसिंग की योजना को भी अनुमति मिलेगी। जिले में करीब सात किमी तक मेट्रो कॉरिडोर भूमिगत होगा। इसके अलावा पॉड टैक्सी योजना को जेवर से फिल्म सिटी और आसपास के सेक्टरों से जोड़ने की योजना है। दोनों परियोजनाओं से करीब डेढ़ लाख लोगों को फायदा होगा।
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लॉजिस्टिक पार्क से मिलेगी विकास को गति
टप्पल में लॉजिस्टिक पार्क विकसित किया जाना है। टप्पल नगर पंचायत में यमुना प्राधिकरण का अधिसूचित क्षेत्र जाने से लॉजिस्टिक पार्क की योजना में भी बदलाव किया गया है। इसे भी बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा। लॉजिस्टिक हब बनाने वाली जमीन पर अतिक्रमण अधिक था इसलिए बदलाव किया जाएगा। इसी तरह राया हेरिटेज परियोजना को बोर्ड से मुहर लगने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे से करीब 7 से 10 मिनट में बांके बिहारी मंदिर तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा डाटा सेंटर पार्क, ब्लड रिलेशन में ट्रांसफर होने वाली प्रॉपर्टी के लिए भी नियम बनाया जाएगा।
मास्टर प्लान-2041 को मिलेगी मंजूरी
मास्टर प्लान-2041 को करीब 12 हजार हेक्टेयर जमीन पर विकसित किया जाएगा। 2041 तक यमुना सिटी की आबादी 41.70 लाख के करीब होगी। यहां पर 8 लाख घरों की जरूरत पड़ेगी। मास्टर प्लान में मिश्रित भू प्रयोग की योजना पर काम किया जाएगा। प्रत्येक सेक्टर में श्रमिक झुग्गी की बजाय घरों में रहेंगे। नए मास्टर प्लान में फ्रेट कॉरिडोर, पॉड टैक्सी, सिटी बस, ऑटो स्टैंड, रिक्शा स्टैंड, डिपो आदि की पूरी व्यवस्था की जाएगी। लॉजिस्टिक सिटी, फन सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, फाइनेंशियल सिटी, इलेक्ट्रॉनिक सिटी और एयरोट्रोपोलिस सिटी भी बसाई जाएगी।
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