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जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन रद्द

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जेपी स्पोर्ट्स सिटी का आवंटन रद्द, नीलाम होगा बीआईसी व क्रिकेट ग्राउंड
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ग्रेटर नोएडा। फार्मूला वन रेस से पूरी दुनिया का दिल जीतने वाला बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) अब नीलाम होगा। साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट ग्राउंड भी नीलाम किया जाएगा। यमुना प्राधिकरण ने 864 करोड़ रुपये बकाया न जमा करने पर जेपी एसोसिएट्स के यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-25 में आवंटित स्पोर्ट्स सिटी (एसडीजेड) प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है। इसी एसडीजेड में जेपी के खुद के 10 और अन्य बिल्डरों के 10 प्रोजेक्ट शामिल हैं। अब इनके लिए मुश्किल की घड़ी आ गई है।
यमुना प्राधिकरण (यीडा) की बोर्ड बैठक शनिवार को चेयरमैन आलोक टंडन की अध्यक्षता में हुई। बैठक के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि जेपी एसोसिएट्स को आवंटित स्पोर्ट्स सिटी (स्पेशल डेवलपमेंट जोन यानी एसडीजेड) का आवंटन रद्द कर दिया गया है। जेपी पर कुल 864 करोड़ रुपये बकाया है जिसे जमा नहीं किया गया है। जेपी पर 30 मार्च तक पहली व दूसरी किस्त के 125 करोड़ रुपये बाकी थे। तीसरी किस्त करीब 100 करोड़ रुपये 30 सितंबर तक जमा करनी थी। वह भी जमा नहीं की गई। 100 करोड़ रुपये बैंक गारंटी के रूप में जमा करने थे, लेकिन वह भी जमा नहीं किए। भविष्य की किस्तों से 539 करोड़ रुपये और मिलने हैं। इस लिहाज से कुल 864 करोड़ रुपये बकाया हैं, लेकिन जेपी पहली किस्त की कुछ रकम देने के बाद और पैसा जमा नहीं कर सका। ऐसे में बोर्ड ने प्रोजेक्ट रद्द करने का फैसला लिया है। जमीन को जल्द ही प्राधिकरण अपने कब्जे में ले लेगा। उस पर बने हुए सभी प्रोजेक्ट भी प्राधिकरण के पास आ जाएंगे। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट ग्राउंड का अधिकार भी प्राधिकरण कब्जे में ले लेगा। प्राधिकरण अपने पैसे की वापसी के लिए इनकी नीलाम करेगा। जेपी ने जिन परियोजनाओं को लांच कर रखा है उसके निवेशकों को नीलामी के बाद प्राधिकरण पैसा वापस करेगा या फिर किसी सरकारी एजेंसी से इन प्रोजेक्ट को पूरा कराएगा। साथ ही, जेपी ने जिन बिल्डरों को जमीन बेच रखी है, उनकी रजिस्ट्री अब यमुना प्राधिकरण करेगा। ऐसे बिल्डर यमुना प्राधिकरण के पास आकर अपना आवेदन दे सकते हैं।
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2009 में 1015 हेक्टेयर जमीन हुई थी आवंटित
प्राधिकरण के मुताबिक, जेपी एसोसिएट्स को 2009 में एसडीजेड के नाम पर सेक्टर-25 के आसपास करीब 1015 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी। ये जमीन तीन टुकड़ों 311, 646 व 58 हेक्टेयर में दी गई। इसी जमीन पर जेपी की स्पोर्ट्स सिटी और बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी स्थित हैं। स्पोर्ट्स सिटी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट ग्राउंड भी है। कंपनी ने 2010 तक भुगतान किया। उसके बाद से किस्त जमा करनी बंद कर दी।
13 हजार खरीदारों ने लगा रखा है पैसा
जेपी ने नौ बिल्डरों को प्लॉट बेचे हैं। इन बिल्डरों ने प्रोजेक्ट भी लांच कर दिए हैं। करीब 10 हजार खरीदारों ने इन बिल्डर परियोजनाओं में पैसा लगा रखा है। इनमें प्लॉट व फ्लैट दोनों शामिल हैं। अब यमुना प्राधिकरण से इन परियोजनाओं की निगरानी होगी। वहीं, जेपी ने खुद से 11 परियोजनाएं लांच की। इनमें बहुत कम खरीदारों ने पैसे लगाए हैं। इन परियोजनाओं में ज्यादातर प्लॉट हैं। करीब तीन हजार खरीदारों ने इनमें पैसा लगा रखा है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि खरीदार चाहे जेपी के खुद के प्रोजेक्ट के हैं या फिर उसके बिल्डरों के हैं, उनका नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
एसडीजेड में जेपी के खुद के प्रोजेक्ट
कंट्री होम्स वन, कंट्री होम्स टू, क्राउंस, ग्रींसरेस्ट होम्स, बॉगेनवेलिया, विला एक्सपैंजा, स्पोर्ट्स विले, कासिया, कोव, बुद्ध सर्किट स्टूडियोज। ये सभी परियोजनाएं सेक्टर-25 में स्थित हैं और करीब तीन हजार खरीदारों के इसमें शामिल होने का अनुमान है।
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एसडीजेड में जेपी की तरफ से आवंटित प्रोजेक्ट
इंपीरिया होम्स, रॉयल होम टाउन, पिरामिड टाउनशिप के दो प्रोजेक्ट, सॉलिटेयर रियल इंफ्रा, प्रेसीडेंसी इंफ्राहाइट्स, एमएसए डेवलपर्स, वीजीए डेवलपर्स, सोल इंफ्राटेक, इंपीरिया स्ट्रक्चर। ये सभी परियोजनाएं सेक्टर-25 में स्थित हैं और इन बिल्डरों के प्रोजेक्ट मे करीब 10 हजार खरीदार शामिल हैं।
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