पुन्हाना। जिला परिषद की प्रमुख अनीसा बानो के चाचा ससुर आलम उर्फ मुंडल का आरोप है कि नूंह जिला परिषद ने दो दर्जन से अधिक काम मौके पर तो कराए नहीं, लेकिन इनके लिए आई लाखों की रकम अधिकारियों की मिलीभगत से हड़प ली गई। शुक्रवार को उन्होंने मीडिया को साथ लेकर ऐसे कई काम दिखाए भी। आलम का कहना है कि इन मामलों की उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
मीडिया से बातचीत में आलम उर्फ मुंडल ने कहा कि वर्ष 2018 में गांव ढाणा, डूंगेजा, गोकलपुर में तीन बीसी चौपाल बनाने के लिए 19 लाख पांच हजार रुपये, गांव नीमखेड़ा में माजिद के घर से राशिद के घर तक इंटरलॉकिंग रास्ते के निर्माण के लिए 5 लाख 29 हजार रुपये, पीडब्ल्यूडी रोड से मस्जिद तक नाली सहित इंटरलॉकिंग रास्ता बनाने के लिए एक लाख 38 हजार रुपये, बडेड़ गांव में नसरु के घर से उस्मान के घर तक रास्ता व नाली निर्माण के लिए दो लाख 5 हजार रुपये, शेरू पुत्र अमर सिंह के घर के पास पानी टैंक निर्माण के लिए 39 हजार रुपये, पीडब्ल्यूडी रोड से शौदान के मकान तक इंटरलॉकिंग रास्ता निर्माण के लिए 3 लाख 97 हजार रुपये, झिमरावट गांव में फिरोज बास में आठ वाटर टैंक निर्माण के लिए 3 लाख 12 हजार रुपये जारी किए गए थे। उन्होंने कई अन्य कामों का हवाला देते हुए करोड़ों रुपये जारी होने का दावा किया। उनका कहना है कि दो साल बीत जाने के बाद भी इनमें से कोई काम नहीं कराया गया। केवल कुछ जगहों पर डस्ट व रोड़ी डाली गई थी और खातों से पूरा पैसा निकाल लिया गया।
दो साल पहले जिला प्रमुख अनीसा बानो ने घर के पास बीसी चौपाल बनाने के लिए 6 लाख 35 हजार रुपये मंजूर कराए थे। उन्होंने एक ट्रॉली रोड़ी डाली, लेकिन चौपाल आज तक नहीं बनी।
- देवी सिंह, निवासी ढाणा
मेरे घर के पास 2018 में बीसी चैपाल मंजूर की गई थी। इसके निर्माण के लिए 6 लाख 35 हजार रुपये भी आ गए। चौपाल बनाने के लिए मैंने एक साल पहले अपनी जमीन पंचायत के नाम रजिस्ट्री करा दी। इसमें 9 हजार रुपये खर्च भी हो गए, लेकिन चौपाल आज तक नहीं बनी।
- इब्राहीम उर्फ बिल्ला निवासी डूंगेजा
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
सभी आरोपों की गहराई से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले में अधिकारी संलिप्त मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी और विभागीय कार्रवाई होगी।
- राकेश मोर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, नूंह