नई दिल्ली। एनजीटी ने कमला नगर और रूप नगर सहित अन्य इलाकों में 11 आवासीय भूखंडों पर अवैध रूप से बोरवेल लगाकर भूजल चुराने के आरोपों पर संज्ञान लिया है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल ने जल बोर्ड को तीन माह के भीतर स्थलीय निरीक्षण, जांच व सुधारात्मक कार्रवाई का सख्त निर्देश दिया। याचिकाकर्ता राशि शर्मा ने आरोपी संपत्ति मालिकों पर बिना अनुमति भूजल दोहन का गंभीर आरोप लगाया। आवेदक ने 8 जुलाई, 2025 को डीजेबी अध्यक्ष को शिकायत सौंपी थी लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर एनजीटी पहुंचीं। उन्होंने कमला नगर, रूप नगर, जवाहर नगर और गुजरांवाला टाउन में अवैध रूप से बोरवेल के इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं। एनजीटी ने आदेश दिया है कि जल बोर्ड अध्यक्ष याचिकाकर्ता
की शिकायत पर विचार करें। साथ ही, सभी 11 भूखंडों का स्थल निरीक्षण कराएं। अवैध बोरवेल मिलने पर सीलिंग व जुर्माना कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया आदेश प्राप्ति से तीन माह में पूरी हो। आवेदन का निपटारा करते हुए एनजीटी ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर मामला दोबारा सूचीबद्ध होगा। संवाद