माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नाबालिग के अपहरण और यौन शोषण के मामले में आरोपी रवि की जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि मात्र 13 साल की नाबालिग लड़की की सहमति को डर, अनुचित प्रभाव या किसी और वजह से दी गई सहमति माना जाएगा, जो कानूनी रूप से मान्य नहीं है। मामला नोएडा के सेक्टर 126 थाने का है।
15 जून 2025 की शाम आरोपी ने शिकायतकर्ता की 13 साल की बेटी का अपहरण कर लिया था। आरोपी के वकील ने कहा कि पीड़िता ने अपने बयान में आरोपी के खिलाफ कोई खास आरोप नहीं लगाया है। इसलिए आरोपी को जमानत मिलनी चाहिए। अदालत ने कहा कि पीड़िता ने स्वीकार किया है कि वह आरोपी के प्यार में पड़कर उसके साथ गई थी। उससे शादी करके करीब एक महीने तक पति-पत्नी की तरह रही। पीड़िता ने आरोपी के साथ शारीरिक संबंध बनाने की भी बात स्वीकार की है। लेकिन 13 साल की उम्र की नाबालिग लड़की की सहमति कानूनी रूप से मान्य नहीं हो सकती। आरोपी ने नाबालिग के कानूनी अभिभावक की सहमति के बिना उसका अपहरण किया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। यह जघन्य अपराध है। ऐसे में आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा।