-मई में हुई थी एनएसए की कार्रवाई, पुलिस ने मजदूर बिगुल दस्ता से जुड़ा बताया था
-हिंसक श्रमिक प्रदर्शन मामले में बॉटेनिकल गार्डेन मेट्रो स्टेशन से आकृति हुई थी गिरफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में अप्रैल में हुए हिंसक श्रमिक आंदोलन से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत आकृति चौधरी की हिरासत रद्द कर दी है। नोएडा पुलिस ने उन्हें 11 अप्रैल को बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद मई में उन पर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने आकृति को मजदूर बिगुल दस्ता का सक्रिय सदस्य बताते हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान हिंसा और आगजनी में उनकी भूमिका होने का आरोप लगाया था।
वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर अप्रैल में नोएडा में श्रमिकों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान 300 से अधिक कंपनियों के शीशे तोड़ने और दो दर्जन से अधिक वाहनों में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस के अनुसार, करीब 42 हजार मजदूर सड़कों पर उतरे थे। हिंसक घटनाओं के बाद कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए गए और मामले की जांच शुरू हुई।
पुलिस का आरोप था कि आकृति ने प्रदर्शनकारियों को उकसाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया। जांच के दौरान पुलिस ने उनकी गतिविधियों को भड़काऊ बताते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने भीड़ को उग्र करने और लोक व्यवस्था प्रभावित करने में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस ने यह भी कहा था कि आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल खराब करने की कोशिश की।
वहीं, आकृति के अधिवक्ता रजनीश यादव का कहना है कि एनएसए लगाने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं थे। उनका आरोप है कि सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ अतिरिक्त धाराओं का इस्तेमाल किया गया।
गौतमबुद्धनगर के अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्रा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान है। अभी आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। आदेश मिलने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।