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निक्की भाटी हत्याकांडः पत्नी को जलाकर मारने के आरोपी पति विपिन को राहत, हाईकोर्ट ने इस आधार पर दी जमानत

Mon, 12 Oct 2026 07:44 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेटर नोएडा के सबसे चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड के मामले में पति विपिन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने मंगलवार को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि आवेदक ने पत्नी को जलाया।
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निक्की भाटी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निक्की भाटी हत्याकांड के मामले में पत्नी को जलाकर मार डालने के आरोप में एक साल से अधिक समय से जेल में बंद पति विपिन को जमानत दी है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने कहा कि मौजूदा स्थिति में रिकॉर्ड पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है। जिससे प्रथम दृष्टया यह कहा जा सके कि आवेदक ने पत्नी को जलाया।

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निक्की की बहन ने दर्ज कराई थी एफआईआर
विपिन के खिलाफ थाना कासना में मुकदमा दर्ज है। एफआईआर मृतका की बहन ने दर्ज कराई थी। आरोप है कि उसकी शादी आरोपी के भाई से हुई है और वह उसी घर में रहती थी। विपिन और उसके परिजनों ने निक्की भाटी को जला दिया। पड़ोसी की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया था। जहां से सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया। वहीं उसकी मौत हो गई थी। विपिन 24 अगस्त 2025 से जेल में बंद है।

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पति-पत्नी में होता था अक्सर विवाद
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोप पूरी तरह झूठे हैं। उनके मुताबिक मृतका और उसकी बहन की शादी एक ही घर में हुई थी। मृतका ने मकान के ऊपरी हिस्से में ब्यूटी पार्लर खोला था, जिसे लेकर पति-पत्नी के रिश्ते सामान्य नहीं थे और अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन विवाद के चलते महिला ने खुद को आग लगा ली। जब वह जलती हालत में सीढ़ियों से नीचे आ रही थी, तब उसकी बहन ने उसे देखा। घटना के तुरंत बाद आरोपी के माता-पिता, मृतका के जेठ और पड़ोसी देवेंद्र उसे अस्पताल ले गए थे। यह अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज से साबित होता है, जिसका ब्योरा विवेचक ने केस डायरी में दर्ज किया है। अस्पताल में इलाज करने वाले डॉ. यासिर खान ने बयान दिया कि मृतका ने उन्हें बताया कि वह दुर्घटनावश जल गई। नर्स कोमल बाजपाई ने भी ऐसा ही बयान दिया।

प्रथम दृष्टया जलाने का कोई साक्ष्य नहीं
मृतका के भाई रोहित के बयान का भी हवाला दिया गया। मामले में सबसे अहम बिंदु दंपती के नाबालिग पुत्र का बयान रहा। उसने कहा कि पिता ने मां को जलाया। इसपर बचाव पक्ष ने दलील दी कि वह मुश्किल से पांच साल का बच्चा है और बयान दो माह बाद दर्ज हुआ। इसलिए वह प्रथम दृष्टया सिखाया-पढ़ाया गवाह प्रतीत होता है और उसके बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

अभियोजन ने लगाए थे आरोप
वहीं अभियोजन ने कहा कि आरोपी मृतका का पति है। उनके संबंध मधुर नहीं थे और वह पत्नी को प्रताड़ित करता था। वह अपने माता-पिता और पत्नी के साथ अस्पताल नहीं गया, जो उसके दोषी मन को दर्शाता है। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि सूचिका की एफआईआर की कहानी विवेचना के दौरान दर्ज उसके बयान के विपरीत है। बयान में उसने कहा कि ब्यूटी पार्लर खोलने के कारण पति ने मृतका को प्रताड़ित किया और घटना वाले दिन वह जलती हालत में सीढ़ियों से उतर रही थी।

जिसके बाद पड़ोसी देवेंद्र उसे अस्पताल ले गया।अस्पताल की फुटेज से स्पष्ट है कि महिला को देवेंद्र के साथ आरोपी के माता-पिता और बड़े भाई अस्पताल लेकर गए। मृतका ने दुर्घटनावश जलने की बात कही थी। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है जो बताए कि आरोपी ने मृतका को जलाया। पुत्र के बयान पर कोर्ट ने कहा कि उसकी कम उम्र और दो महीने दस दिन की देरी को देखते हुए बचाव पक्ष का यह तर्क कि वह सिखाया-पढ़ाया गवाह प्रतीत होता है, प्रथम दृष्टया खारिज नहीं किया जा सकता। मामले के तथ्यों पर कोई राय व्यक्त किए बिना कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
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भाई, पिता, मां को पहले ही मिल चुकी है जमानत
विपिन के अधिवक्ता अमित भाटी बोड़ाकी ने बताया आरोपी विपिन के भाई रोहित, पिता सतवीर, मां दया की पूर्व में ही उच्च न्यायालय से जमानत मंजूर हो चुकी है। तीनों अभी जमानत पर बाहर हैं। सेशन कोर्ट में ट्रायल विचाराधीन है। मंगलवार को विपिन की जमानत संबंधी दस्तावेज जिला अदालत में लगाए गए हैं। उम्मीद है कि एक से दो दिन में विपिन जेल से बाहर आ जाएगा।
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