विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने कहा- सर्वधर्म सद्भाव ही विकास की आधारशिला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अणुव्रत विश्व भारती सोसाइटी और अणुव्रत समिति ट्रस्ट दिल्ली ने रविवार को ओसवाल भवन, विवेक विहार में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया। यह कार्यक्रम अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत आयोजित हुआ जिसमें विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि सर्वधर्म सद्भाव ही समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। कार्यक्रम में आचार्य श्री के आज्ञानुवर्ती मुनि उदित कुमार ने कहा कि धर्म मानव सभ्यता के विकास की प्रेरक शक्ति है। सभी धर्मों का सार भाईचारा, प्रेम और पारस्परिक सम्मान है। उन्होंने कहा कि अणुव्रत आंदोलन समाज में नैतिकता, संयम और मानवता का संदेश देता है। कार्यक्रम में पारसी गुरु माराजबान नरीमन जयवाला बी, जापानी भिक्षु जुन्सेई टेरासावा, फादर सुनील सोलोमन गजन, पंडित अरविंद भारद्वाज, मुस्लिम स्कॉलर अतहर सईद, जसविंदर कौर, ब्रह्माकुमारी बीके दिव्या दीदी और आर्य समाज के डॉ. नरेंद्र विद्यालंका ने भाग लिया। अणुव्रत समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल गोलछा ने कहा कि आचार्य तुलसी द्वारा प्रारंभ किया गया अणुव्रत आंदोलन संप्रदाय और जाति से ऊपर उठकर मानवता का संदेश देता है। कार्यक्रम का संचालन रमेश कांडपाल ने किया। कार्यक्रम में सभी धर्मगुरुओं का शाल, पटका और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।