नई दिल्ली। कांग्रेस नेता अलका लांबा के खिलाफ निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने आरोप के पहलुओं पर आंशिक बहस सुनी और दोनों पक्षों के संयुक्त अनुरोध पर मामले को 19 नवंबर को आगे बढ़ाने का आदेश दिया।
बुधवार को मामला आरोप तय करने की बहस के लिए सूचीबद्ध था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने आरोपों के विभिन्न पहलुओं पर दलीलें पेश कीं। हालांकि, पूरी बहस पूरी न होने पर अदालत ने आंशिक बहस को रिकॉर्ड कर लिया। पक्षकारों के संयुक्त अनुरोध पर अगली तारीख 19 नवंबर तय की गई, जहां आरोप पर विस्तृत बहस होगी। अलका लांबा को पहले ही 4 अक्तूबर को जमानत मिल चुकी है और कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया था। उनकी ओर से वकील ने कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है, जबकि अभियोजन पक्ष ने सबूतों के आधार पर आरोपों को मजबूत बताया था। संवाद