ग्रेनो में वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति पर नजर डाली जाए तो शुक्रवार को नॉलेज पार्क-5 में एक्यूआई -314 था। यह बेहद खराब स्थिति थी। हवा की खराब गुणवत्ता के कारण लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं सामने आने लगी हैं।
जिम्स के मेडिसिन विभाग के डॉ. दीपक कुमार कहते हैं कि लगातार खराब हो रही हवा की गुणवत्ता का सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है। इस समय जो हवा की स्थिति है उसे इस तरह समझें कि कोई व्यक्ति यदि धूम्रपान नहीं भी कर रहा है तो भी वह दिन में तीन से चार सिगरेट के बराबर फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है। बच्चों और वृद्धों के साथ स्थिति और भी जटिल हो जाती है। जिम्स की ओपीडी में 15 फीसदी तक ऐसे मरीज बढ़े हैं। जिनको खराब हवा के चलते गले और श्वांस संबंधी समस्या उभर कर आई है।