मुरादाबाद। 45 साल के अहमर खां का क्रिकेट के लिए जुनून 15 साल के किशोर जैसा रहा। अपने आखिरी मैच में वह टीम को जीत दिलाकर खुद जिंदगी से हार गए। मुरादाबाद की टीम की ओर से आखिरी ओवर अहमर को सौंपा गया। आखिरी तीन गेंदों में विपक्षी टीम को 13 रन बनाने थे लेकिन उन्होंने सिर्फ एक रन दिया और 12 रन से टीम को जीत दिलाई।
साथी खिलाड़ी नावेद सिद्दीकी के मुताबिक हर रविवार को वह साथ में क्रिकेट खेलते थे। इससे पहले न तो कभी अहमर ने कोई बीमारी के लक्षण बताए और न ही कभी खेलने में परेशानी महसूस की। आखिरी गेंद तक भी किसी को ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वह थके हुए या परेशान हैं। अंतिम मैच में उन्होंने चार ओवर की गेंदबाजी की और 25 रन देकर एक विकेट लिया। बल्लेबाजी में वह एक रन बनाकर नॉट आउट रहे थे। टीम के लिए आखिरी ओवर में उन्होंने 18 रन का बचाव कर टीम को 12 रन से जीत दिलाई। एकता विहार कॉलोनी के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। वह करीब दस वर्षों से वेटरन टीम के लिए खेल रहे थे। साथी खिलाड़ियों ने बताया कि अहमर फिटनेस को लेकर भी जागरूक रहते थे। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह इतनी जल्दी हमेशा के लिए मैदान छोड़ देंगे। देर शाम तक उनके घर पर शोक संवेदनाएं व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा।
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पीयूष चावला के साथ खेल चुके हैं अहमर
अहमर की गिनती मुरादाबाद के बेहतरीन क्रिकेटरों में होती थी। वह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर पीयूष चावला के साथ भी खेल चुके हैं। दिल्ली के सुहानी क्लब के वह नियमित क्रिकेटर थे। क्रिकेट कोच बदरुद्दीन ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उनका कहना है कि आज भी अहमर के अंदर बच्चों जैसा जुनून जिंदा था। वहीं डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव विजय गुप्ता ने कहा कि वह इस खबर को सुनकर बेहद दुखी हैं। उन्होंने एसोसिएशन की ओर से श्रद्धांजलि दी और कहा कि इस मुश्किल घड़ी में एसोसिएशन मृतक के परिवार के साथ है।
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हर एथलीट को करानी चाहिए ईसीजी, ईको व टीएमटी
शहर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतेश मानिक कहते हैं कि जिस तरह खिलाड़ी की मौत हुए उसे हार्ट अटैक नहीं बल्कि कार्डियक अरेस्ट कहेंगे। अचानक दिल की धड़कन बंद होना और दिमाग को ऑक्सीजन व रक्त की सप्लाई बंद हो जाने की स्थिति में ऐसा होता है। उनकी सलाह है कि हर खिलाड़ी को ईसीजी, ईको व टीएमटी जांच जरूर करा लेनी चाहिए। छोटी सी जांच से भविष्य में होने वाले खतरे को पकड़ा जा सकता है। खेलते समय अचानक कार्डियक अरेस्ट हाइपरट्रॉपिक कार्डियक मायोपैथी से होता है। ज्यादातर मामलों में परिवार के किसी सदस्य को दिल की बीमारी रही होती है। थकान, कमजोरी, सामान्य दिनों की तरह काम न कर पाना भी दिल की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।