- कृषि विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ, किसानों को दी नई तकनीकों की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं गवर्निंग बोर्ड सदस्य सुषमा सिंह ने कहा कि देश में कृषि विकास और किसान कल्याण के लिए प्राकृतिक एवं परंपरागत खेती को बढ़ावा देना जरूरी है। किसानों को संतुलित उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए और नई कृषि तकनीकों की जानकारी रखते हुए वैज्ञानिक खेती अपनानी चाहिए। वह बृहस्पतिवार को छोलस स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। साथ ही समय-समय पर मिट्टी की जांच कराना भी जरूरी है। दादरी विधायक तेजपाल नागर ने किसानों से जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिक उर्वरकों का इस्तेमाल मिट्टी की उत्पादन क्षमता को प्रभावित करता है।
कार्यशाला की शुरुआत साहिवाल गायों की गो-पूजा और पौधरोपण के साथ हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक खेती, मिट्टी परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देना है। कार्यशाला में दादरी, दनकौर और जेवर क्षेत्र के किसानों ने भाग लिया।