नोएडा। भारतीय पुरातत्व परिषद, नई दिल्ली और भारतीय विरासत संस्थान के बीच एमओयू साइन हुआ। समझौते का उद्देश्य छात्रों के प्रशिक्षण, शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना और पुरातत्व शिक्षा व प्रशिक्षण को नई दिशा देना है। भारतीय पुरातत्व परिषद की ओर से उपाध्यक्ष व महासचिव प्रो. (डॉ.) बीआर मणि और भारतीय विरासत संस्थान की ओर से कुलपति डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान कोषाध्यक्ष डॉ. आशा जोशी और प्रो. (डॉ.) सतीश पांडेय भी मौजूद रहे। एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण, क्षेत्रीय पुरातत्व कार्य, क्षेत्रीय अध्ययन और अनुसंधान के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान, विशेषज्ञता और अकादमिक संसाधनों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।