- डॉग शेल्टर होम में आवासीय सुविधा से अधिक स्टरलाइजेशन और खूंखार कुत्तों के नियंत्रण पर बढ़ा फोकस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी अपनी डॉग शेल्टर होम बनाने की योजना में आंशिक बदलाव किया है। ग्रेनो के अलग-अलग इलाकों में बनाए जा रहे तीन डॉग शेल्टर होम में अब स्टरलाइजेशन के अलावा खूंखार कुत्तों की देखभाल को प्राथमिकता दी जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक डॉग शेल्टर होम का उपयोग स्टरलाइजेशन बढ़ाने के लिए किया जाना है। अभी वर्तमान में प्राधिकरण के पास कुत्तों के लिए शेल्टर होम नहीं है।
एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन पूरी तरह प्राधिकरण कर रहा है। डॉग शेल्टर होम में पहले सभी तरह के कुत्तों को ध्यान में रखते हुए आवासीय व देखभाल की सुविधा विकसित की जानी थी। अभी भी हम तीनों जगह पर शेल्टर होम को तैयार कराने जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट पर प्राधिकरण काम चालू रखेगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई थी। अनुभवी एजेंसियों को ही इन शेल्टर होम की जिम्मेदारी सौंपी जानी है। कुछ एजेंसी ने हमसे संपर्क भी किया है जिन्हें पूरे प्रोजेक्ट की जानकारी दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक अभी वर्तमान में ग्रेनो प्राधिकरण क्षेत्र में औसतन रोजाना 12 से 14 कुत्तों का ही स्टरलाइजेशन हो पाता है। जबकि, इसकी जरूरत कहीं अधिक की है। अभी केवल एचसीएल फाउंडेशन ही सीएसआर मद में प्राधिकरण के साथ इस प्रोजेक्ट पर काम करता है। नए शेल्टर होम बनने से यह क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। योजना यह है कि करीब 400 कुत्तों की रोजाना स्टरलाइजेशन की जाए।