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Noida News: महापंचायत में वार्ता के बाद किसानों का धरना 26 तक स्थगित

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-नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने किसानों के बीच जाकर की बातचीत
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-26 नवंबर से पहले चेयरमैन से वार्ता करवाने का आश्वासन
-वार्ता न होने पर फिर 27 नवंबर से धरना शुरू करने का दावा

माई सिटी रिपोर्टर,

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण दफ्तर सेक्टर-6 के सामने पिछले 6 दिनों से चल रहा धरना किसानों ने सोमवार को महापंचायत के साथ 26 नवंबर तक टाल दिया। पंचायत में किसानों के बीच प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल, ओएसडी क्रांति शेखर सिंह, डीजीएम विजय रावल ने वार्ता की। वार्ता में अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।
12 नवंबर को किसान व प्राधिकरण अधिकारियों के बीच वार्ता तय हुई। इस वार्ता में प्राधिकरण किसानों से जुड़े कामों की प्रगति पर रिपोर्ट रखेगा। 25 नवंबर तक प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार से भी किसानों की वार्ता कराने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया। किसानों की तरफ से कहा गया कि ऐसा न होने पर 26 नवंबर से फिर धरना शुरू कर दिया जाएगा। वार्ता के ये मिनट लिखित में किसानों ने मंगलवार को मांगे हैं। किसानों का यह धरना बुधवार से भारतीय किसान यूनियन मंच के बैनर तले बुधवार से चल रहा था। पिछले दिनों प्राधिकरण अधिकारियों व किसानों के बीच बातचीत हुई लेकिन सहमति नहीं बनी। इसको लेकर सोमवार को किसानों ने महापंचायत बुलाई थी इसमें अन्य किसान संगठन भी शामिल हुए थे।
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सोमवार को हुई महापंचायत में किसानों ने कहा कि मांगें माने जाने तक प्राधिकरण दफ्तर के सामने से नहीं हटेंगे। किसान यूनियन मंच के मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि प्राधिकरण अधिकारियों ने किसानों के काम करने के लिए 15 दिन का समय मांगा है जो दिया गया है। 25 नवंबर तक किसानें की समस्याएं नहीं दूर हुईं और काम नहीं हुए तो फिर 26 नवंबर से धरना शुरू कर दिया जाएगा।
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प्राधिकरण दफ्तर में घुसने के लिए किसानों ने हल्ला बोला-

महापंचायत में दोपहर 1.25 बजे किसानों ने प्राधिकरण को यह चेतावनी दी कि एक घंटे में उनकी वार्ता प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों से करवाई जाए। ऐसा न होने पर किसान प्राधिकरण दफ्तर के अंदर घुसकर बैठेंगे। दिए गए समय में कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा। फिर किसान एकजुट होकर उठे और प्राधिकरण के अंदर जाने के लिए गेट तोड़ने लगे। बीच में पुलिसकर्मियों ने उनको रोका। फिर पुलिस और किसानों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। फिर एसीपी प्रवीण सिंह किसानों के बीच पहुंचे और समझाकर वापस धरना वाली जगह टेंट में बैठाया। इसके बाद वार्ता के लिए प्राधिकरण और पुलिस अधिकारी मौके पर गए।
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