सरकारी भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले सॉल्वर गिरोह के दिल्ली स्थित मुंडका में चल रहे परीक्षा केंद्र के कर्मचारी सोमवार को नोएडा पुलिस के पहुंचते ही भाग गए। लोगों से पूछताछ में पता चला कि कर्मचारी कुछ ही देर पहले ही ताला जड़ कर वहां से निकले हैं। गिरोह के आरोपी दिनेश चौधरी का साला मनोज मुंडका में अगस्त 2019 से टीएमसी सेंटर नाम से ऑनलाइन परीक्षा केंद्र चला रहा था।
नोएडा पुलिस ने रविवार को संचालक मनोज और सीनियर सुपरिंटेंडेंट प्रवीण को गिरफ्तार किया था। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने शनिवार को सेक्टर-62 स्थित आई ऑन डिजिटल परीक्षा केंद्र से गिरोह के 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर को बिठाते थे। इसकी एवज में वह लाखों रुपये लेते थे। एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि टीएमसी परीक्षा केंद्र पर ताला लटका मिला। मोबाइल और अन्य गैजेट्स की जांच की जा रही है। इन गैजेट्स से अहम सुराग मिले हैं। टीम एनसीआर में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। उन्होंने बताया कि अभी इस मामले में कई और गिरफ्तारियां होंगी।
दिसंबर में है सरगना रवि की शादी
गिरोह के फरार सरगना इनकम टैक्स इंस्पेक्टर रवि कुमार की दिसंबर में शादी होनी है। कई महीने पहले हरियाणा की युवती से रिश्ता तय हुआ था। शादी की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान मामले का खुलासा हो गया। तब से रवि फरार है। पुलिस जांच में पता चला है कि गृह मंत्रालय में तैनात असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर अरविंद उर्फ नैन की सॉल्वर गिरोह में प्रमुख भूमिका है। वह एक सेंटर पर सॉल्वर के रूप में अभ्यर्थी की जगह बैठा था। पुलिस अरविंद की तलाश कर रही है।
नेहरू प्लेस से खरीदते थे कार्ड
सॉल्वर गिरोह के आरोपी ऐप के जरिए फोटो क्लोन करते थे। फोटो को लैब में जाकर बनवाते थे। वहीं, अभ्यर्थियों के फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाते थे। इसके लिए कार्ड नेहरू प्लेस के एक दुकान से खरीदते थे। पुलिस ने इस दुकान और फोटो बनाने वाले लैब की भी पहचान कर ली है।
निलंबित हो चुका है गिरफ्तार कांस्टेबल मंजीत
पुलिस ने सॉल्वर गिरोह के एक आरोपी मंजीत को भी गिरफ्तार किया था। मंजीत दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल है और गिरोह के लिएकाम करता है। जांच में पता चला है कि मंजीत दुष्कर्म के मामले में एक बार निलंबित भी हो चुका है। पुलिस के मुताबिक मंजीत एक महिला के साथ सहमति संबंध में रहता था। महिला ने उसके खिलाफ दिल्ली के थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
खुलासे के दिन केंद्र के पास ही था रवि
पुलिस ने रविवार को आई ऑन डिजिटल परीक्षा केंद्र से गिरोह का खुलासा किया था। उस वक्त रवि भी सेक्टर-62 के परीक्षा केंद्र के आसपास ही मौजूद था। वह लोकेशन बदलता रहा और गाड़ियां भी चेंज करता रहा। इस कारण पुलिस के हाथ नहीं लग पाया। वहीं, अरविंद उर्फ नैन भी दिल्ली एनसीआर से भाग गया है। जांच में पता चला है कि वह नॉर्थ ईस्ट में छिपा है।
टीएमसी केंद्र में 19 महीनों में दर्जनों परीक्षाएं हुईं
मुंडका स्थित टीएमसी परीक्षा केंद्र में दो दर्जन से अधिक प्रतियोगी परीक्षाएं हुई हैं। गिरोह ने अपना नेटवर्क बढ़ाते हुए अगस्त 2019 में वहां केंद्र खोला था। इसके बाद इन लोगों ने कई एजेंसियों से गठजोड़ कर छोटी और बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं का केंद्र बनवा लिया था। अपने केंद्र पर परीक्षा होने के कारण इन्हें फर्जीवाड़ा करने में आसानी होती थी। आरोपी आसानी से अभ्यर्थियों को बदलकर परीक्षा में बैठाते थे।