चिकित्सकों ने गोलू को मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत के बाद झुग्गी खाली हो गई है। बेटे की मौत के बाद परिवार अपने मूल निवास सीतापुर लौट गया है। मामले में पुलिस ने प्राधिकरण के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राधिकरण की लापरवाही से यह पहली मौत नहीं है। बीते सप्ताह भी एक वृद्ध की मामूरा में नाले में गिरने से मौत हो गई थी। जिसके बाद प्राधिकरण ने नाले पर स्लैब रखवाया था। इससे पूर्व में भी कई हादसे अधिकारियों की लापरवाही से हो चुके हैं।