नोट-फोटो है उजड़े पड़े हुए विलोपित कूड़ा घरों की।
-2021 में शहर को खुले में कूड़ा मुक्त बनाने के लिए बनवाए थे 150 विलोपित कूड़ा घर
-रखरखाव के अभाव में कंडम हो गए थे, अब 55 को संवारने के लिए जारी हुआ टेंडर
माई सिटी रिपोर्टर,
नोएडा। शहर को खुले में कूड़ा मुक्त बनाने के लिए 2021 तक बनाए गए विलोपित कूड़ा घरों की याद एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण को आई है। प्राधिकरण ने उजड़ रहे विलोपित कूड़ा घरों को संवारने के लिए टेंडर जारी किया है। पहले चरण में 55 विलोपित कूड़ा घरों को फिर से संवारा जाएगा। इसमें करीब 91 लाख रुपये की लागत आएगी। इसके बाद फिर बाकी बचने वाले विलोपित कूड़ा घरों को दूसरे चरण में संवारा जाएगा।
गौरतलब है कि शहर में पहले सेक्टर में खाली जगहों पर निवासियों व दुकानदारों की तरफ से कूड़ा डाला जाता था। अधिकतर जगहें सेक्टर और गांव के बीच की थी। प्राधिकरण का यह कहना है कि जब डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था है तो खुले में इस तरह कूड़ा नहीं फेंका जाना चाहिए। इससे शहर की सफाई व्यवस्था चौपट होती है। ऐसी जगहों को चिन्हित कर प्राधिकरण ने घेरा बनवाकर फूल, पौधे व गमले रखवाकर विलोपित कूड़ा घर का नाम दिया था। 2018 से इसकी शुरुआत हुई थी और 2021 तक शहर में 150 से ज्यादा विलोपित कूड़ा घर बनाए गए थे। इनसे बदलाव भी दिखा था। स्वच्छ सर्वेक्षण में मंत्रालय की तरफ से भी इस बदलाव को सराहा गया था। लेकिन फिर देखरेख होना बंद हो गई थी। प्राधिकरण के उद्यान विभाग की तरफ से जारी किए गए टेंडर में सेक्टर-35, 40, 41, 49, 51, 94, 126, 127 व अन्य सेक्टर के विलोपित कूड़ा घर शामिल किए गए हैं।