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Noida News: मिलावट के खेल का खुलासा, 802 किलो सिंथेटिक खोवा बरामद, एक गिरफ्तार

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मिलावटी खोवा बनाने के कारखाने में जांच करती एफएसडीए की टीम। 
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लखनऊ। त्योहारी सीजन में कुछ दुकानदार मुनाफे के लिए मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने पारा इलाके में स्थित एक कारखने में छापा मारकर 802 किलो सिंथेटिक खोवा बरामद किया। तमाम तरह के पाउडर भी जब्त किए जिनका इस्तेमाल सिंथेटिक खोवा बनाने में किया जा रहा था। पारा थाने में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। मिलावटी खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।
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सहायक खाद्य आयुक्त विजय प्रताप सिंह ने बताया कि गोपनीय शिकायत पर पारा की आदर्श विहार कॉलोनी में दीपक कुमार उर्फ गोलू के घर पर छापा मारा गया। यहां 202 किग्रा स्किम्ड मिल्क पाउडर, 65 किग्रा मेज स्टार्च, 505 किग्रा संदिग्ध सफेद पाउडर, 60 किग्रा माल्टोडस्टिन पाउडर व हाइड्रो पाउडर बरामद किया। इन सभी चीजों का इस्तेमाल कर सिंथेटिक खोवा बनाया जा रहा था। मौके से 802 किलो सिंथेटिक खोया भी मिला।
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ठाकुरगंज मंडी में खपाता था खोवा

आरोपी दीपक के मुताबिक वह दो महीने से मिलावटी खोवा तैयार कर रहा था। इससे उसको कई गुना मुनाफा हो रहा था। वह ठाकुरगंज खोवा मंडी में सिंथेटिक खोवे को खपाता था। एफएसडीए की टीम को कई और जानकारियां मिली हैं, जिससे पता चला है कि कई और लोग भी इस तरह से खोवा तैयार कर मंडी में खपा रहे हैं। उनकी तलाश जारी है।
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कई और प्रतिष्ठानों पर भी छापे, नोटिस जारी

जांच टीम ने टेढ़ी पुलिया खोवा मंडी समेत कई और मंडियों में छापा मारा। 15 नमूने जांच के लिए भेजे। माल स्थित गुप्ता स्वीट हाउस और राजाजीपुरम की न्यू कमल स्वीट्स समेत चार प्रतिष्ठानों में कई खामियां पाई गईं। एफएसडीए की तरफ से इन सभी को नोटिस जारी कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

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मिलावटी खाद्य पदार्थ की यहां करें शिकायत

सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया कि अगर शहर में कहीं भी कोई मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचता है तो आम लोग भी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए टोल फ्री नंबर 18001805533 पर कॉल करना होगा। सूचना देने वाले के बारे में पूरी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।


-असली व सिंथेटिक खोवे में ये हैं अंतर
असली खोवे को हाथ पर रगड़ने पर यह चिकना और दानेदार महसूस होता है और दूध की खुशबू आती है। सिंथेटिक खोवा हाथ में रगड़ने पर यह रबड़ जैसा खिंचता है या फिर बहुत चिकना व तेल जैसा लग सकता है।

असली खोवे से दूध की हल्की खुशबू आती है। सिंथेटिक में कोई खास खुशबू नहीं होती है। बहुत ज्यादा चमकदार या रंगीन खोवा भी सिंथेटिक हो सकता है।
असली खोवा दानेदार होता है। इससे बनाई गई गोलियां मजबूत होती हैं व आसानी से नहीं टूटतीं। सिंथेटिक खोवे की गोलियां बनाने पर टूटती हैं या दरार पड़ जाती है।

असली खोवा खाते ही यह मुंह में घुल जाता है और कच्चे दूध जैसा स्वाद आता है। सिंथेटिक खोवा मुंह में चिपकता है या इसका स्वाद फीका और कड़वा भी हो सकता है।
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घर पर आसान तरीके से करें जांच

आयोडीन टेस्ट : थोड़े से खोवे पर आयोडीन टिंचर की कुछ बूंदें डालें। अगर खोवा काला या नीला हो जाए, तो समझ जाएं कि उसमें मैदा या स्टार्च की मिलावट है।
पानी में टेस्ट : खोवे के टुकड़े को गर्म पानी में डालें। असली खोवा पतला होकर घुल जाएगा, जबकि मिलावटी पानी में अलग-अलग टूटकर बिखर जाएगा।

चीनी के साथ गरम करें : खोवे में थोड़ी चीनी डालकर गर्म करें। यदि खोवा पानी छोड़ने लगे तो वह मिलावटी हो सकता है।

मिलावटी खोवा बनाने के कारखाने में जांच करती एफएसडीए की टीम। 

मिलावटी खोवा बनाने के कारखाने में जांच करती एफएसडीए की टीम। 

मिलावटी खोवा बनाने के कारखाने में जांच करती एफएसडीए की टीम। 

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