नूंह। खंड के गांव मेवली में सोमवार को एक नाबालिग लड़की से शादी करने आए दूल्हे व उसके परिजनों को बिना शादी के बैरंग लौटना पड़ा। शादी से पूर्व दूल्हे की पहली पत्नी व उसके परिजन निवासी गांव चामरोदा तहसील किशनकगढ़ बास के लोगों ने नूंह कोर्ट से ऑर्डर लेकर शादी को रुकवा दिया। परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी की लड़की है जिसे छोड़कर उक्त युवक नाबालिग से शादी कर रहा था।
सरकार व जिला प्रशासन द्वारा लोगों को बाल विवाह के प्रति जागरूक कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोग अभी भी बाल विवाह को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नूंह खंड के गांव मेवली में सामने आया है।
एक नाबालिग लड़की की 26 अप्रैल सोमवार को होने वाली थी। जिसकी बारात राजस्थान के तिजारा के पास एक गांव से आने वाली थी। लेकिन सूचना के आधार जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन ने अपनी टीम के साथ जाकर परिजनों से जानकारी ली। जिसमें लड़की उम्र 17 साल 8 महीने पाई गई। इसके बाद परिजनों से उन्होंने हलफनामा लिए।
उन्होंने बताया कि इस साल अभी तक लगभग दर्जनों नाबालिगों की शादियों को रुकवाया है। बाल विवाह की हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर फोन कर शिकायत दी जा सकती है। इस पर तुरंत विभाग द्वारा संज्ञान लिया जाता है। जिले में बाल विवाह को किसी कीमत बर्दाश्त नहीं करेंगी। परिजनों को भविष्य में अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।