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अरावली में हो रही पेड़ों की कटाई, प्रशासन मौन

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अरावली में हो रही पेड़ों की कटाई, प्रशासन मौन
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अंतराम खटाना/ नूंह। सर्दी बढ़ने के साथ ही अरावली की पहाड़ियों पर पेड़ों की कटाई का सिलसिला तेज हो गया है। वन विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र में लकड़ियों की चोरी जोरों पर है। लोग न केवल वनों से सूखी लकड़ी एकत्रित कर रहे हैं बल्कि हरे पेड़ों को भी काटा जा रहा है। स्थानीय लोग कई बारे में विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
बता दें कि जिले में करीब 70 किलोमीटर में अरावली क्षेत्र फैला है। हर साल सर्दी बढ़ने के साथ ही अरावली से लगते गांवों में पेड़ों की कटाई तेज हो जाती है। सूरज की पहली किरण के साथ ही महिलाओं के समूह कुल्हाड़ी, तबल, गंड़ासे जैसे धारदार हथियार लेकर पहाड़ियों की ओर निकल पड़ते हैं। कीकर और दूसरे पेड़ों की लकड़ियाें के गट्ठर सिर पर रख पहाड़ियों से उतरी महिलाएं किसी भी समय देखी जा सकती हैं। इस बारे में जिला वन अधिकारी विजेंद्र सिंह का कहना है कि अरावली में पेड़ों की अवैध कटाई और कोयले की अवैध भट्ठियां चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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कोयले का कारोबार बढ़ रहा
अरावली में पेड़ों की कटाई के साथ ही जिले के विभिन्न हिस्सों में लकड़ी से कोयला बनाने का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार नूंह, पुन्हाना, पिनगवां के कई गांवों में कोयला बनाने की अवैध भट्ठियां धड़ल्ले से चल रही हैं। इन भट्ठियों को चलाने के लिए अरावली से लकड़ी चोरी की जा रही है। इससे वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। कार्रवाई के नाम पर विभाग द्वारा खानापूर्ति की जाती है।
संबंधित विभागों को पर्यावरण को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।
गजराज लोहिया, समाजसेवी
पहले जिले का अरावली क्षेत्र पूरी तरह से हरा भरा था। लेकिन कई वर्षों से जिले की हरियाली को ग्रहण लग रहा है।
एडवोकेट ताहिर हुसैन
वन विभाग की लापरवाही के कारण अरावली में पेड़ों की कटाई बढ़ी है। अवैध रूप से कोयला की भट्ठियां चल रही हैं। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
कमल, सरपंच
पर्यावरण को बचाने के लिए सभी को मिलकर पहल करने की जरूरत है। पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
डॉ. हनीफ, फिरोजपुर नमक
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