एसटीएफ के अनुसार हर्षवर्धन जैन और एहसान अली सैयद ने यूनाइटेड किंगडम (यूके) में स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड और ईस्ट इंडिया कंपनी यूके लिमिटेड बनाई। युक्त अरब अमीरात (यूएई) में आइसलैंड जनरल ट्रेडिंग को एलएलसी, मॉरिसस में इंदिरा ओवरसीज लिमिटेड और पश्चिम अफ्रीका में कैमरून में कैमरून इस्पात एसएआरएल नाम की कंपनियां रजिस्टर्ड कराईं। जांच में सामने आया है कि हर्षवर्धन जैन ने दुबई (यूएई) में छह, मॉरिशस में एक, यूके में तीन और भारत में एक बैंक खाते खोले। उसके पास दो पैन कार्ड भी मिले हैं। जिनके आधार पर यह खाते संचालित किए जा रहे थे। एसटीएफ ने इन खातों और उनसे जुड़ी लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।
अहसान अली सैयद को धोधाधड़ी के मामले में हुई है सजा
एसटीएफ नोएडा की जांच के मुताबिक एहसान अली सैयद की स्विट्जरलैंड और बहरीन में बीएएसईडी कंपनी वेर्स्टन एडवाइजर ग्रुप ने 2008 से 2011 के बीच स्विस आधारित कई कंपनियों को 70 मिलियन पाउंड (749 करोड़ भारतीय रुपये) में लोन दिलाने के नाम पर करीब 25 मिलियन पाउंड (292 करोड़ रुपये भारतीय मुद्रा) की दलाली ली और फिर फरार हो गया। 22 नवंबर 2022 को स्विस सरकार के अनुरोध पर लंदन पुलिस ने एहसान अली सैयद को गिरफ्तार किया था। जुलाई-2023 में वेस्टमिनिस्टर कोर्ट लंदन ने धोखाधड़ी के केस में स्विट्जरलैंड को उसके प्रत्यर्पण की मंजूरी दी है। स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख कोर्ट ने एहसान अली सैयद को 16 कंपनियों से लोन दिलाने के नाम पर की गई धोखाधड़ी और दलाली की रकम हड़पने के मामले में साढ़े छह साल की सजा सुनाई है।
इटली और मधुबनी के गांवों के नाम पर फर्जी दूतावास बना दिया
एसटीएफ के अनुसार फर्जी दूतावास का मुख्य धंधा हवाला कारोबार और विदेश में लाइजनिंग के जरिये बड़े काम कराना था। आरोपी विदेश में सरकारी ठेके दिलाने के नाम पर भी ठगी करता था। गिरफ्तार हर्षवर्धन कभी तांत्रिक चंद्रास्वामी का करीबी था। वह अंतरराष्ट्रीय आर्म्स डीलर अदनान खगोशी का भी करीबी था। उनके लिए वह विदेश में हवाला का कारोबार करता था। हर्षवर्धन जैन ने इटली और मधुबनी के गांवों के नाम पर फर्जी देश बनाकर उनका दूतावास बना रखा था। इन सभी काल्पनिक देशों के बारे में इंटरनेट पर भी कोई जानकारी नहीं है। गूगल करने पर सर्बोगा के नाम से इटली का एक गांव आता है और माइक्रोनेशन है। पॉलविया खोजने पर कुछ लोगों के नाम का टाइटल आता है। वहीं लोडोनिया शब्द सर्च किया गया तो बिहार में मधुबनी स्थित एक गांव का नाम और वेस्ट आर्कटिका सर्च करने पर एक माइक्रोनेशन का नाम आता है। यह दक्षिणी कैलिफोर्निया स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में कार्य करता है।
शेल कंपनियों के जरिए फर्जीवाड़े की हो रही जांच
हर्षवर्धन जैन की एहसान अली सैयद के साथ मिलीभगत और शेल कंपनियों के जरिए फर्जीवाड़े में उसकी भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। उसके द्वारा खोले गए विदेशी और भारतीय बैंक खातों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जिससे इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पूरी परतें खोली जा सकें। एसटीएफ की टीमें अब हर्षवर्धन के भारतीय और विदेशी नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन, फर्जी कंपनियों और दलाली से अर्जित धन की जांच कर रही हैं। संभावना है कि इस मामले में और भी बड़े नाम और विदेशी लिंक उजागर हो सकते हैं।