ग्रेटर नोएडा के लखनावली गांव में विवाहिता रितु तोमर की संदिग्ध मृत्यु के बाद पुलिस ने उसके पति सोनू मलिक और सास शकुंतला को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया। परिजनों के अनुसार रितु को दहेज व बेटी पैदा होने के तानों से प्रताड़ित किया जाता था। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
-सीआईएसआईफ में तैनात आरक्षी पति के खिलाफ मृतका के भाई ने दर्ज कराया था केस
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति और सास को शुक्रवार को लखनावली स्थित घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को जेल भेजा गया है। सीआईएसएफ में तैनात आरक्षी पर मृतका के भाई ने केस दर्ज कराया था।
बागपत निवासी अंकित तोमर ने केस दर्ज कराया था कि बहन रितु की शादी बागपत के सोनू मलिक के साथ साल 2014 में की थी। सोनू सूरजपुर स्थित सीआईएसएफ में आरक्षी है। पूरा परिवार लखनावली गांव में किराये पर रहता है। बीते सोमवार को उसकी बहन का फोन आया और पति व सांस द्वारा मारपीट करने की बात बताई। अचानक फोन कट हो गया। अनहोनी की आशंका पर मायके पक्ष के लोग सूरजपुर पहुंचे तो पता चला कि बहन कैलाश अस्पताल में भर्ती है। वहां पहुंचकर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। आरोप है शादी के बाद से ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज लाने पर उसकी बहन को प्रताड़ित कर रहे थे। बहन के दो बेटियां पैदा हुई। सास शकुंतला बेटी पैदा होने का ताना देती थी।
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वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि 23 सितंबर की रात में विवाहिता रितु तोमर द्वारा आत्महत्या किए जाने के संबंध में मृतका के परिजनों ने तहरीर दी थी। जिसमें मृतका के पति सोनू मलिक एवं शकुंतला पर आत्महत्या के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर किया है। मामले में आरोपी पति सोनू मलिक (37) मूल निवासी गांव सिलाना थाना छपरौली बागपत व आरोपी सास शकुंतला (58) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को जेल भेजा गया है।
सास और पति के तानों से परेशान थी विवाहिताः पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी सास विवाहिता को आए दिन ताने मारती थी। पति से भी विवाहिता का आए दिन क्लेश होता था। यही कारण था कि वह मानसिक तनाव में थी। आशंका है कि विवाहिता ने जहर खा लिया। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान करीब तीन घंटे तक उसका इलाज चला था। मृत्यु होने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण बिसरा सुरक्षित कराया है।