गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में एक पिता ने 10 लाख रुपये की मांग के पूरा नहीं होने पर बेटी के ससुराल वालों पर तेजाब पिलाने का आरोप लगाया है। तहरीर पर पुलिस ने पति, देवर, ननद और सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में बागू के रहने वाले गजराज सिंह का आरोप है कि दहेज के चक्कर में पति ने उनकी बेटी को धोखे से तेजाब पिला दिया। इससे उनकी बेटी की तबीयत खराब हो गई। बेटी को अस्पताल में छोड़कर पति और अन्य ससुराली जन भाग गए।
एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि बागू निवासी गजराज सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आठ फरवरी को अपनी पुत्री ज्योति की शादी दिल्ली के जेल रोड मंडोली एक्सटेंशन निवासी ललित के साथ की थी। शादी में उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति के मुताबिक कार समेत अन्य सामान उपहार में दिए थे। लेकिन शादी के बाद उनकी बेटी को 10 लाख रुपये के लिए परेशान किया जा रहा था। 15 सितंबर को उनके दामाद ने फोन कर बताया कि ज्योति की तबीयत खराब है। वह गुरू तेग बहादुर अस्पताल पहुंचे तब पता चला कि तेजाब पिलाने की वजह से उसका गला खराब हो गया है। उनकी बेटी बोल भी नहीं पा रही। कई दिन अस्पताल में रहने के बाद ललित ने 23 सितंबर को बताया कि ज्योति को डिस्चार्ज किया जा रहा है। जब वह अस्पताल पहुंचे तब तक ससुराल पक्ष के सभी लोग उसे अकेला छोड़कर जा चुके थे। वह ज्योति को अपने साथ घर ले आए।
अभी भी हालत गंभीर
26 सितंबर को उसे खून की उल्टी होने पर वह गुरु तेग बहादुर अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन चिकित्सकों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। उन्होंने मजबूरी में अपनी बेटी को मेरठ के मंगल पांडेय स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उनकी बेटी जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही है।
एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर पति ललित, देवर हिमांशु, ननद पूजा और सास ललिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।